Advertisement Carousel
National

कर्नाटक मंत्री प्रियांक खरगे का RSS पर हमला, ‘शैतान संगठन’ बताकर फंडिंग स्रोत पर उठाए सवाल

Karnataka Minister Priyank Kharge attacks RSS, calls it a 'devilish organisation' and questions its funding source

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि RSS एक “शैतान संगठन” है और बीजेपी उसकी राजनीतिक परछाईं है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

खरगे ने आरोप लगाया कि बीजेपी की ताकत RSS के संगठनात्मक नेटवर्क से आती है और यदि संघ का समर्थन हट जाए तो पार्टी की स्थिति काफी कमजोर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस विचारधारा के खिलाफ वैचारिक और राजनीतिक स्तर पर लड़ाई जारी रखेंगे।

फंडिंग के स्रोत पर सवाल, ‘गुरु दक्षिणा’ का हवाला

प्रियांक खरगे ने अपने बयान में RSS की वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब संघ से उनके पैसों के स्रोत के बारे में पूछा जाता है, तो जवाब मिलता है कि उन्हें “गुरु दक्षिणा” मिलती है। खरगे ने इस तर्क पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर काम करने वाले संगठन को अपने धन के स्रोत और उपयोग के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि RSS से जुड़े हजारों संगठनों के माध्यम से देश और विदेश से धन एकत्र किया जाता है। खरगे के मुताबिक, अमेरिका और इंग्लैंड समेत कई देशों से फंडिंग आने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संगठन व्यापक सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियां संचालित करता है, तो उसे संविधान और कानून के तहत पंजीकृत होना चाहिए और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।

संवैधानिक ढांचे के तहत जवाबदेही की मांग

मंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार लोकतंत्र में सभी संस्थाओं को समान नियमों का पालन करना चाहिए। जब आम नागरिकों को टैक्स और कानूनी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं, तो संगठनों को भी पारदर्शी रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे, जब तक संबंधित संगठन कानूनी ढांचे के तहत जवाबदेही सुनिश्चित नहीं करते।

प्रियांक खरगे के इस बयान पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावी माहौल में वैचारिक टकराव को और तेज कर सकता है।

यह भी पढ़ें : केरल चुनाव से पहले सियासी हलचल, मणिशंकर अय्यर के बयान से कांग्रेस में चर्चा तेज

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं