द लोकतंत्र/ लखनऊ : देश के प्रसिद्ध कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित तीखे अंदाज में कांग्रेस पर करारा प्रहार किया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने व्यंग्य और तंज के जरिए महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और कांग्रेस के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस ने सरदार पटेल को कभी सम्मान नहीं दिया
कुमार विश्वास ने मंच से कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को कभी वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, कांग्रेस दफ्तर के बाहर सरदार पटेल बैठे रहे, किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। बीजेपी वालों ने उठा लिया, फिर कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे।
उन्होंने आगे परिवारवाद पर वार किया और कहा, तुम तो अपने नानाजी, पापाजी, मम्मीजी, चाचीजी में ही उलझे रहे। इस टिप्पणी के जरिए कुमार विश्वास ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी महापुरुषों की विरासत संभालने के बजाय केवल परिवार के नाम पर राजनीति करती रही।
कांग्रेस के पास पहले से ही ‘तीन फर्जी गांधी’ हैं
यहीं नहीं, उन्होंने महात्मा गांधी का संदर्भ देते हुए कहा कि गांधी के विचार और जीवनशैली आज बीजेपी की नीतियों के अधिक करीब दिखते हैं। विश्वास ने कहा, गांधी जी स्वदेशी की बात कर रहे हैं, गीता पढ़ रहे हैं, खादी पहन रहे हैं, आयुर्वेद की बात कर रहे हैं सब वही तो है जो बीजेपी कहती है। बीजेपी चाहे तो गांधी जी को भी ले आए।
इसके बाद उन्होंने व्यंग्य में कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही ‘तीन फर्जी गांधी’ हैं, इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या परेशानी होगी? उनके इस कथन पर कार्यक्रम स्थल पर हंसी भी गूंजी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह बयान गरमागरम बहस छेड़ चुका है। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की वैचारिक दिशा और ऐतिहासिक विरासत पर बड़ा सवाल मान रहे हैं। समर्थक इसे साहसिक और सच बोलने की शैली बताते हैं, वहीं कांग्रेस खेमे में यह बयान नाखुशी और नाराज़गी का कारण बना है।

