द लोकतंत्र/ महाराष्ट्र : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए संचालित महत्वाकांक्षी लाडकी बहिन योजना की e-KYC की अंतिम तारीख बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। पहले यह डेडलाइन 18 नवंबर तय की गई थी, लेकिन लाभार्थियों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया है। यह जानकारी मंगलवार को राज्य की मंत्री अदिति सुनील तटकरे ने मीडिया से बातचीत में दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि काफी संख्या में पात्र लाभार्थी तकनीकी वजहों से e-KYC पूरी नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में अंतिम तारीख बढ़ाना उनके लिए राहत लेकर आया है।
किसी भी लाभार्थी को वंचित नहीं रहने देंगे – मंत्री अदिति तटकरे
मंत्री तटकरे ने बताया कि लाडकी बहिन योजना के लिए e-KYC प्रक्रिया दो महीने पहले शुरू की गई थी और बड़ी संख्या में महिलाएं दस्तावेज़ीकरण कराने पहुंचीं। लेकिन OTP न आने जैसी तकनीकी बाधाओं के कारण कई eligible महिलाएं प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाईं।
उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हमने e-KYC की अंतिम तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र लाभार्थी इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे। सरकार के इस निर्णय को महिला हितैषी कदम के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जो दूरदराज़ इलाकों में रहती हैं और डिजिटल प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करती हैं।
e-KYC के लिए आधार से लिंक बैंक खाता अनिवार्य
लाडकी बहिन योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी महिला का बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है। e-KYC प्रक्रिया के दौरान महिलाएं अपना आधार नंबर सरकारी पोर्टल पर दर्ज करती हैं, जिसके बाद उनके आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। राज्य सरकार के अनुसार, कई महिलाओं का आधार उनके पुराने नंबर से लिंक था या नंबर उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण OTP प्राप्त न होने की समस्या आम थी। यही वजह रही कि सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने का फैसला किया है।
योजना में कितना मिलता है आर्थिक लाभ?
महाराष्ट्र सरकार की माझी लाडकी बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के लिए उम्र सीमा 21 से 65 वर्ष निर्धारित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं पर केंद्रित यह आर्थिक सहायता योजना विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत का एक प्रमुख कारण रही। योजना को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिला था।

