द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सहित 29 नगर महापालिकाओं के चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक बड़ा संदेश दिया है। इन चुनावों में एनडीए गठबंधन को मिली बहुमत की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को खुलकर बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र में एनडीए कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम किया, जनता के बीच सरकार के काम और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से रखा और विपक्ष के झूठे आरोपों का तथ्यात्मक जवाब दिया।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि उन्हें उन सभी एनडीए कार्यकर्ताओं पर गर्व है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर मेहनत की और सुशासन के एजेंडे को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने विकास, सुशासन और स्थिर राजनीति को आशीर्वाद दिया है, जो इन चुनाव परिणामों में साफ झलकता है।
धन्यवाद महाराष्ट्र: विकास के एजेंडे को मिला जनसमर्थन
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, धन्यवाद महाराष्ट्र। राज्य की ऊर्जावान जनता ने एनडीए के सुशासन के एजेंडे को समर्थन दिया है। नगर निगम चुनावों के नतीजे बताते हैं कि महाराष्ट्र की जनता के साथ एनडीए का रिश्ता और गहरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास को लेकर एनडीए की कार्यशैली और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को जनता ने पसंद किया है। यह जनादेश न केवल विकास को गति देने वाला है, बल्कि महाराष्ट्र की गौरवशाली संस्कृति और पहचान का उत्सव भी है।
बीएमसी सहित 29 नगर निगमों में BJP-शिवसेना की मजबूत पकड़
इन चुनावों में सबसे ज्यादा नजरें बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर टिकी थीं। रुझानों और नतीजों से साफ हो गया कि मुंबई सहित कई बड़े शहरी क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना गठबंधन ने जबरदस्त बढ़त बनाई है। महायुति गठबंधन की इस सफलता से बीएमसी में मेयर पद पर काबिज होने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
15 जनवरी को हुए मतदान के बाद शुक्रवार से नतीजे सामने आने लगे और यह स्पष्ट हो गया कि मुंबई और ठाणे जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में बीजेपी–शिवसेना गठबंधन का दबदबा कायम है। यह जीत केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी मतदाताओं के भरोसे का भी संकेत देती है।
ठाकरे ब्रदर्स को झटका, नहीं चला ‘मराठी मानुष’ कार्ड
इन चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के लिए नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। ‘ठाकरे ब्रदर्स’ को यह भरोसा था कि ‘मराठी मानुष’ के मुद्दे पर एकजुटता उन्हें फायदा दिलाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली। हालांकि शिवसेना (यूबीटी) को कुछ सीटों पर जीत मिली, जैसे वार्ड 208, लेकिन कुल मिलाकर गठबंधन को शहर पर दशकों पुरानी पकड़ बनाए रखने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायकों की मेहनत की जीत
इस जनादेश को स्थानीय बीजेपी और शिवसेना विधायकों, पार्षद उम्मीदवारों और हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम माना जा रहा है। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, स्थानीय मुद्दों को उठाना और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना इन सभी प्रयासों ने एनडीए को यह बढ़त दिलाई। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह जीत आने वाले समय में महाराष्ट्र की शहरी राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

