द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : साल 2025 खत्म होने को है, और इस दौरान देश में कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिले। इनमें सबसे अहम बदलाव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा टोल भुगतान प्रणाली में किया गया सुधार है। हाईवे पर सफर करने वाले लोगों की सबसे बड़ी शिकायत टोल प्लाजा पर लंबी कतारें, बार-बार पेमेंट और समय की बर्बादी की होती थी। इसी समस्या को खत्म करने के लिए NHAI ने इस साल हाईवे टोल सिस्टम को तकनीक आधारित, तेज और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
NHAI की नई डिजिटल प्रणाली का सबसे बड़ा आकर्षण रहा FASTag Annual Pass, जिसे लॉन्च होने के बाद नियमित यात्रियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। देशभर के टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, ट्रैफिक फ्लो सुधारने और यात्रा को तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से यह सिस्टम तैयार किया गया है।
FASTag Annual Pass से यात्रा हुई आसान
FASTag Annual Pass की शुरुआत ने हाईवे यात्रा के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया है। यह पास उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो रोजाना या नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करते हैं। इस पास को एक बार एक्टिव करने के बाद पूरे साल उपयोग किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर टोल प्लाजा पर रुककर भुगतान करने की जरूरत खत्म हो जाती है।
पास सीधे वाहन के FASTag से लिंक रहता है। जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरती है, सिस्टम स्वतः एंट्री और एग्जिट रिकॉर्ड कर लेता है। इससे न केवल टोल कटने की प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि टोल कलेक्शन भी पहले की तुलना में तेज और अधिक सटीक हुआ है। NHAI का कहना है कि इस तकनीक के चलते टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
यात्रियों को समय और पैसे की बचत
FASTag Annual Pass का सीधा फायदा नियमित यात्रियों को मिल रहा है। रोजाना ऑफिस आने-जाने वालों, बिजनेस ट्रैवलर्स और लॉन्ग-डिस्टेंस यात्रियों के लिए यह पास समय बचत और सुगमता दोनों प्रदान करता है। टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने से होने वाला ईंधन खर्च भी कम हो जाता है।
साथ ही, सभी लेनदेन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होते हैं, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की स्थिति में शिकायत करना आसान हो जाता है। हाईवे पर यात्रा अब पहले की तुलना में ज्यादा स्मूद, तेज और स्ट्रेस-फ्री हो चुकी है। ट्रक और बस चालकों के लिए भी यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि इससे उन्हें तय समय पर मंजिल तक पहुंचना आसान हो गया है।
FASTag सुविधा में भी बड़े बदलाव
एनुअल पास के अलावा FASTag सिस्टम को तकनीक के स्तर पर भी अपग्रेड किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक को और मजबूत किया है, जिसका उद्देश्य देशभर के टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाना है।
नई तकनीक के तहत गाड़ियों की विंडस्क्रीन पर लगाए गए RFID डिवाइस टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल राशि काटने में सक्षम हैं। जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, राशि स्वतः लिंक्ड बैंक खाते से कट जाती है। इससे कैश पेमेंट, लंबी लाइन और समय की बर्बादी लगभग खत्म हो गई है। यह अपग्रेड भारतीय हाईवे नेटवर्क को अधिक स्मार्ट, तेज और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। NHAI का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में देश की टोल प्रणाली पूरी तरह seamless और डिजिटल हो जाए।

