द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सेकेंड हैंड (पुरानी) कार और बाइक खरीदने वालों के लिए सरकार ने नियमों में बड़ा और सख्त बदलाव किया है। अब दिल्ली में कोई भी व्यक्ति अगर पुरानी कार या बाइक खरीदता है, तो उसे 15 दिनों के भीतर वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) नए मालिक के नाम ट्रांसफर कराना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सरकार ने वाहन डीलरों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। तय समय सीमा में RC ट्रांसफर नहीं कराने पर दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकार के अनुसार, इस नियम का पालन न करने पर केवल खरीदार ही नहीं, बल्कि वाहन बेचने वाले की भी जवाबदेही तय की जाएगी। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि पुराने वाहन खरीदने के बाद RC ट्रांसफर नहीं कराया जाता, जिससे ट्रैफिक उल्लंघन, अपराध और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में कानूनी जटिलताएं पैदा होती हैं।
15 दिन में RC ट्रांसफर नहीं तो चालान और कानूनी कार्रवाई
नई व्यवस्था के तहत यदि 15 दिनों के भीतर वाहन का RC नए मालिक के नाम दर्ज नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चालान, जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली पुलिस को इस नियम के उल्लंघन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम वाहन मालिकों की पहचान स्पष्ट करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
यह फैसला सोमवार (22 दिसंबर) को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद सामने आया। बैठक की अध्यक्षता रेखा गुप्ता ने की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि बिना वैध PUC (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर चालान की कार्रवाई पहले की तरह सख्ती से जारी रहेगी। इस मामले में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि पुराने और अनियमित वाहनों की वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ता है।
निजी वाहनों का दबाव कम करने की तैयारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निजी वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को कम करने के लिए ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से बातचीत की जाएगी। सरकार चाहती है कि पूल और शेयर बस जैसी सेवाओं को बढ़ावा दिया जाए, जिससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और ट्रैफिक व प्रदूषण दोनों पर नियंत्रण पाया जा सके।
DTC बस रूट और ई-रिक्शा के लिए नई योजना
दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम की बस सेवाओं को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। DTC बसों के रूट की नई व्यवस्था की जा रही है, ताकि जिन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां बस सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।
इसके साथ ही राजधानी में ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि ई-रिक्शा ट्रैफिक का हिस्सा बनें, न कि अव्यवस्था का कारण। इस अहम बैठक में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित परिवहन, पुलिस और पर्यावरण से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि नए नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
सरकार का मानना है कि इस नए नियम से सेकेंड हैंड वाहन बाजार में पारदर्शिता आएगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं आम लोगों को अब पुरानी कार या बाइक खरीदते समय RC ट्रांसफर को प्राथमिकता देनी होगी, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम ट्रैफिक, प्रदूषण और कानून व्यवस्था—तीनों मोर्चों पर सख्ती का संकेत देता है, जिसका असर आने वाले दिनों में साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।

