द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नमो भारत (रैपिड) ट्रेन में छात्र-छात्रा द्वारा की गई आपत्तिजनक हरकत (NaMo Bharat Train Viral Video) का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। ट्रेन के अंदर दोनों युवाओं की वीडियो वायरल होने के बाद जहां देशभर में इस घटना की आलोचना हुई, वहीं अब मामला परिवारों के स्तर पर शादी के फैसले तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो सामने आने के बाद दोनों के परिजनों ने सामाजिक दबाव और मान-मर्यादा को देखते हुए युवक-युवती की सगाई कर दी है, और बताया जा रहा है कि जैसे ही शुभ मुहूर्त शुरू होगा, दोनों शादी के बंधन में बंध जाएंगे। यह निर्णय विवाद को थामने और आगे की बदनामी रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
20 दिसंबर को इंटरनेट पर छाया था वीडियो
यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब 20 दिसंबर 2025 को नमो भारत ट्रेन में आपत्तिजनक स्थिति में बैठे युवक-युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 1 से 3 मिनट तक के कुल चार क्लिप सामने आए थे। बताया गया कि ये फुटेज सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्ड हुए थे, जो 24 नवंबर की शाम गाजियाबाद से मेरठ जा रही रैपिड ट्रेन में कैद हुए थे। फुटेज के प्रसार के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
गाजियाबाद के रहने वाले थे छात्र-छात्रा, एक कर रहा B.Tech, दूसरी B.Sc
जांच में पाया गया कि दोनों युवक-युवती मोदीनगर क्षेत्र के निवासी हैं। युवक गाजियाबाद के एक कॉलेज से B.Tech कर रहा है, जबकि युवती B.Sc की छात्रा है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में बदनामी के डर से परिजनों ने दोनों को कुछ समय के लिए घर से बाहर भेज दिया था, ताकि विवाद और अधिक न बढ़े। परिवारों पर सामाजिक दबाव बढ़ता देख रिश्तेदारों व समुदाय के बुजुर्गों ने समाधान स्वरूप शादी कराने की सलाह दी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
सगाई पूरी, शुभ मुहूर्त लगते ही होंगे फेरे
परिवारों के करीबी सूत्रों के अनुसार, युवक-युवती की सगाई कर दी गई है, और जल्द ही विवाह की रस्में संपन्न होंगी। बताया जा रहा है कि शादी सादगी से होगी और केवल परिवार के लोग शामिल होंगे, ताकि विवाद को ज्यादा उछाल न मिले। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में किसी औपचारिक जानकारी से इनकार किया है। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने कहा कि शादी संबंधी सूचना उनके पास उपलब्ध नहीं है, लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद निगरानी जारी है।
सोशल मीडिया बहस: नैतिकता, निजता और कानून पर सवाल
यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय है। एक वर्ग इस घटना को भारतीय ट्रेनों में अनुशासन व नैतिकता से जोड़ रहा है, वहीं दूसरे लोग CCTV वीडियो लीक होने पर निजता अधिकार का मुद्दा उठा रहे हैं। घटना ने यह संकेत भी दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अवांछित व्यवहार के मामले तकनीक के दौर में कितने तेज़ी से उजागर हो सकते हैं।

