द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पद संभालते ही संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में झोंक दिया है। कार्यभार ग्रहण करने के शुरुआती घंटों में ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी आने वाले चुनावों को लेकर किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। अलग-अलग राज्यों और नगर निकाय चुनावों के लिए जिम्मेदारियां तय करते हुए नितिन नवीन ने संकेत दिया है कि भाजपा की चुनावी रणनीति अब शीर्ष स्तर से सीधे संचालित होगी और हर मोर्चे पर मिशन मोड में तैयारी की जाएगी।
चुनावी मोर्चों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त
नितिन नबीन के पहले फैसलों को पार्टी के भीतर ‘क्विक और क्लियर कमांड’ के रूप में देखा जा रहा है। इन नियुक्तियों से यह संदेश गया है कि संगठनात्मक अनुभव, चुनावी समझ और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा नेतृत्व मानता है कि आने वाले महीनों में कई अहम राज्यों और शहरी निकायों में होने वाले चुनाव पार्टी की सियासी दिशा तय करेंगे, ऐसे में तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
अपने पहले ही दिन नितिन नबीन ने चार बड़े चुनावी मोर्चों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। इनमें केरल विधानसभा चुनाव, ग्रेटर बंगलूरू नगर निगम चुनाव, तेलंगाना के नगर निकाय चुनाव और चंडीगढ़ मेयर चुनाव शामिल हैं। इन सभी चुनावों को भाजपा बेहद अहम मान रही है, क्योंकि ये न केवल स्थानीय सत्ता संतुलन तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
केरल विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को सौंपी गई
केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती को आधार बनाया है। इस चुनाव की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को सौंपी गई है, जबकि केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि केरल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में अनुभव और आक्रामक रणनीति की जरूरत है, जिसे यह टीम जमीन पर उतारेगी।
ग्रेटर बंगलूरू नगर निगम चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया और महाराष्ट्र के विधायक संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी बनाया गया है। यह टीम शहरी मतदाताओं के बीच संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी।
तेलंगाना के नगर निकाय और निगम चुनावों की ज़िम्मेदारी आशीष शेलार को
तेलंगाना के नगर निकाय और निगम चुनावों की कमान महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार को सौंपी गई है। उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी का फोकस तेलंगाना में शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करने पर रहेगा। वहीं, चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए भाजपा ने एक बार फिर विनोद तावड़े को ही चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है। इससे साफ है कि पार्टी इस चुनाव को भी हल्के में नहीं ले रही और हर स्तर पर शीर्ष नेतृत्व की सीधी निगरानी चाहती है।
कुल मिलाकर, नितिन नबीन के ये शुरुआती फैसले यह दर्शाते हैं कि भाजपा अब हर चुनाव को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक समग्र राष्ट्रीय रणनीति के तहत लड़ने की तैयारी कर चुकी है। अनुभवी नेताओं की तैनाती, स्पष्ट जिम्मेदारियां और तेज फैसले—इन सबके जरिए नए अध्यक्ष ने यह संदेश दे दिया है कि संगठन अब पूरी तरह चुनावी रणभूमि में उतर चुका है।

