द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दुनिया में बदलते सामरिक समीकरणों और समुद्री सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियों के बीच विश्व की सबसे ताकतवर नौसेनाओं की नई रैंकिंग सामने आई है। इस ताज़ा रिपोर्ट ने कई देशों को चौंकाया है, खासतौर पर भारत की रैंकिंग को लेकर। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से बढ़ते समुद्री खतरे के बावजूद भारत टॉप-5 नौसेनाओं में जगह नहीं बना पाया, हालांकि पाकिस्तान की तुलना में भारत की स्थिति कहीं अधिक मजबूत बनी हुई है।
यह रैंकिंग World Directory of Modern Warships and Submarines (WDMMW) द्वारा जारी की गई है, जिसमें दुनिया के 40 देशों की नौसेनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में केवल जहाजों की संख्या ही नहीं, बल्कि आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स, हमला करने की क्षमता, रक्षा तंत्र और युद्धकालीन तैयारियों जैसे अहम पैमानों को आधार बनाया गया है। इसे WDMMW की True Value Rating (TVR) के जरिए मापा गया है।
टॉप-5 नौसेनाएं: अमेरिका पहले, चीन तेजी से आगे
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की नौसेना एक बार फिर दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना बनी हुई है। 11 एयरक्राफ्ट कैरियर, जिनमें अधिकांश परमाणु ऊर्जा से संचालित हैं, अमेरिका को समुद्री ताकत में बेजोड़ बनाते हैं। दूसरे स्थान पर चीन है, जिसकी नौसेना बीते एक दशक में अभूतपूर्व गति से बढ़ी है। WDMMW का आकलन है कि आने वाले वर्षों में चीन दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना बन सकता है।
तीसरे नंबर पर रूस है, जिसकी ताकत उसके परमाणु-सक्षम पनडुब्बी बेड़े और एडवांस एंटी-शिप मिसाइलों में निहित है। चौथे स्थान पर इंडोनेशिया है, जिसके पास करीब 245 युद्धपोत हैं और वह ब्लू-वॉटर नेवी बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पांचवें नंबर पर दक्षिण कोरिया है, जिसे एशिया की सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम नौसेनाओं में गिना जाता है।
भारत सातवें स्थान पर, लेकिन ताकत कम नहीं
इस रैंकिंग में भारतीय नौसेना सातवें स्थान पर रही है, जिसे 100.5 की ट्रू वैल्यू रेटिंग दी गई है। भारत के पास इस समय दो एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य, 19 पनडुब्बियां, 74 प्रमुख युद्धपोत और 5 एम्फीबियस असॉल्ट यूनिट्स हैं। हालांकि भारत टॉप-5 में नहीं पहुंच पाया, लेकिन हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी रणनीतिक मौजूदगी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन उसे एक मजबूत समुद्री शक्ति बनाता है।
पाकिस्तान काफी पीछे
रिपोर्ट में पाकिस्तान की नौसेना 26वें स्थान पर है। पाकिस्तान के पास कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है और उसकी नौसेना 8 पनडुब्बियों और 28 युद्धपोतों तक सीमित है। यह साफ संकेत देता है कि भारत और पाकिस्तान की समुद्री ताकत में बड़ा अंतर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की रैंकिंग यह दिखाती है कि संख्या और क्षमता दोनों के स्तर पर अभी और निवेश की जरूरत है, खासकर तब जब चीन समुद्री मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, भारत की स्वदेशी रक्षा परियोजनाएं, नौसेना का आधुनिकीकरण और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारियां आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति और मजबूत कर सकती हैं।

