द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) को लेकर भारत में नीति और नियमन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। Parliamentary Standing Committee on Communications and Information Technology ने सोमवार को AI से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए बैठक की। यह समिति आगामी बजट सत्र के दौरान अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करेगी, जिसमें सरकार के लिए ठोस सुझाव शामिल होंगे।
इस बैठक को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि भारत फरवरी महीने में AI Impact Summit की मेजबानी करने जा रहा है। नई दिल्ली में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन Narendra Modi करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित World AI Action Summit के सह-अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिससे यह साफ है कि AI भारत की वैश्विक कूटनीति और डिजिटल नीति का अहम हिस्सा बन चुका है।
बजट सत्र में पेश होगी AI पर रिपोर्ट: निशिकांत दुबे
संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने बैठक के बाद कहा कि समिति AI को लेकर सरकार को स्पष्ट और व्यावहारिक सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने AI के लिए नियम और रेगुलेशन तैयार कर लिए हैं और भारत भी इस दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहा है।
निशिकांत दुबे के मुताबिक, “प्रधानमंत्री ने AI को लेकर वैश्विक स्तर पर बड़ी पहल की है। ऐसे में समिति ने AI Impact Summit से पहले यह बैठक बुलाई। हमारी रिपोर्ट बजट सत्र में पेश की जाएगी, जिसके आधार पर सरकार आगे का निर्णय लेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि AI का इस्तेमाल अवसरों के साथ-साथ चुनौतियां भी लेकर आता है, इसलिए संतुलित नीति की जरूरत है।
Grok AI और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को भेजे गए नोटिस पर भी चर्चा हुई। यह नोटिस AI टूल ‘Grok’ के कथित दुरुपयोग और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर जारी किया गया था।
निशिकांत दुबे ने बताया कि समिति के सभी सदस्यों ने सरकार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह एक जरूरी और समय पर उठाया गया कदम है। MeitY ने X को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करने और AI आधारित सेवाओं के जरिए अश्लील, आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए हैं।
AI पर सख्ती और संतुलन दोनों जरूरी
बैठक में MeitY के अलावा पर्यटन मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने भी AI के उपयोग पर अपने विचार रखे। इससे स्पष्ट है कि AI को केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि शासन, कृषि, खेल और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि शिवसेना (UBT) सांसद Priyanka Chaturvedi ने भी AI टूल्स के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद MeitY ने X को नोटिस जारी किया। कुल मिलाकर, संसद की यह पहल बताती है कि भारत AI के क्षेत्र में न सिर्फ वैश्विक नेतृत्व चाहता है, बल्कि इसके सुरक्षित, जिम्मेदार और कानूनसम्मत उपयोग को भी प्राथमिकता दे रहा है। आने वाला बजट सत्र AI नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

