द लोकतंत्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित हो रहे 59वें जी-20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) में एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। अफ्रीका की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक विकास की दिशा बदलने वाले तीन बड़े प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों का मूल लक्ष्य ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की प्राथमिकताओं को जी-20 की मुख्यधारा में लाना और समावेशी तथा टिकाऊ विकास का एक नया मॉडल स्थापित करना है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है कि विकास के पुराने पैमानों को बदलकर ऐसा मॉडल अपनाया जाए, जो सबको साथ ले और लंबे समय तक टिक सके।
विकास के नए मानक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह महत्वपूर्ण बात उठाई कि वर्तमान विकास मॉडल ने बड़े समुदायों को संसाधनों से वंचित किया है और प्रकृति का अंधाधुंध दोहन बढ़ाया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इसका सबसे अधिक असर अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा है। भारत “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” की सोच को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी द्वारा प्रस्तुत तीन प्रमुख प्रस्ताव निम्नलिखित हैं:
- ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपोजिटरी (Global Traditional Knowledge Repository): प्रधानमंत्री ने भारत के “भारतीय ज्ञान प्रणालियां” मॉडल के आधार पर एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बनाने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य सदियों से चली आ रही ज्ञान-परंपराओं को संरक्षित करना है, जो प्रकृति-संतुलन और टिकाऊ जीवन को बनाए रखती हैं, ताकि उन्हें अगली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।
- जी-20 अफ्रीका कौशल गुणक पहल: इस पहल का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास पूरी दुनिया के हित में है। यह पहल ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल पर आधारित होगी, जिसे सभी G20 देश मिलकर फंड और सपोर्ट करेंगे। इसका लक्ष्य अगले 10 साल में एक मिलियन प्रमाणित ट्रेनर तैयार करना है, जो लाखों अफ्रीकी युवाओं को कौशल प्रदान कर सकें।
- ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल: प्रधानमंत्री ने फेंटानाइल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के कारण बढ़ते ड्रग–टेरर नेटवर्क पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने G20 से एक संयुक्त अभियान शुरू करने का आह्वान किया, जो तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क और आतंकी फंडिंग को रोकने में मदद करेगा।
द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कूटनीति की झलक
शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कई शीर्ष वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं, जो भारत की विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूत गति को दर्शाती हैं।
- ब्राज़ील और दक्षिण कोरिया: उन्होंने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला से मिलकर व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की बात दोहराई। वहीं, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-मयुंग के साथ आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसे पीएम मोदी ने “बहुत ही शानदार” बताया।
- ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ मुलाकात शानदार रही, जहाँ रिन्यूएबल एनर्जी साझेदारी पर ज़ोर दिया गया। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भी उनकी बातचीत अत्यंत उपयोगी और सार्थक रही।
- इटली: पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की, जो बहुपक्षीय बैठकों के बीच आपसी मुद्दों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था।
जी-20 समिट के दौरान पारंपरिक ‘फैमिली फोटो’ के लिए शीर्ष नेताओं का एक साथ खड़े होना वैश्विक नेतृत्व की एकजुटता का प्रतीक माना गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखे गए दूरगामी प्रस्ताव यह सिद्ध करते हैं कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ के सबसे बड़े प्रतिनिधि के रूप में न केवल उनकी समस्याओं को उठा रहा है, बल्कि समावेशी और टिकाऊ विकास के लिए व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत कर रहा है।

