द लोकतंत्र/ असम : असम ने शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखा जब प्रधानमंत्री Narendra Modi डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे। यहां उनका स्वागत असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन का अवलोकन किया।
पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी को भारतीय वायुसेना के सहयोग से विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए विकसित की गई है। प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के समय राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से संचालित करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दोहरे उपयोग की इस संरचना में 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन तक के परिवहन विमान उतर सकते हैं, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सामरिक क्षमता को मजबूती मिलेगी।
5,450 करोड़ की विकास परियोजनाएं, कनेक्टिविटी और डिजिटल ढांचे को बल
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। दोपहर करीब एक बजे उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण किया। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह छह लेन का एक्स्ट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है। इसके शुरू होने से दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा समय घटकर करीब सात मिनट रह जाएगा।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग के जरिए बेस आइसोलेशन तकनीक अपनाई गई है। हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) के माध्यम से इसकी संरचनात्मक मजबूती और रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की गई है, जिससे सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा सेंटर का भी उद्घाटन किया। 8.5 मेगावाट की क्षमता वाला यह अत्याधुनिक केंद्र विभिन्न सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डिजिटल अनुप्रयोगों की मेजबानी करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी हब के रूप में कार्य करेगा। इससे पूर्वोत्तर राज्यों में डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और मजबूती बढ़ेगी, जो डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाएगी।
इसके अलावा, Indian Institute of Management Guwahati का उद्घाटन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे प्रबंधन शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी, नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई गई। इस पहल से 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वच्छ, सुलभ और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।

