द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को ‘सबका साथ सबका विकास’ – जन आकांक्षाओं की पूर्ति विषय पर आयोजित पोस्ट बजट वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे। इस वेबिनार का उद्देश्य केंद्रीय बजट में घोषित नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत और सरकार के बीच संवाद स्थापित करना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस वेबिनार के तहत कई अलग-अलग क्षेत्रों में ब्रेकआउट सेशन आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य और आयुष, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इन सत्रों के माध्यम से यह समझने की कोशिश की जाएगी कि बजट में घोषित योजनाओं को जमीन पर किस तरह तेजी से लागू किया जा सकता है।
इन चर्चाओं में शिक्षा से रोजगार तक मजबूत मार्ग तैयार करने, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) से जुड़े कंटेंट क्रिएटर लैब विकसित करने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों और केयरगिवर प्रशिक्षण के विस्तार, क्षेत्रीय मेडिकल हब की स्थापना और नए आयुष संस्थानों के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
पर्यटन, कौशल विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र पर रहेगा खास फोकस
वेबिनार में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कई अहम पहलुओं पर चर्चा होने वाली है। इसमें हॉस्पिटैलिटी स्किल डेवलपमेंट, सतत पर्यटन मार्गों का विकास, उत्तर-पूर्व क्षेत्र में बौद्ध सर्किट का विस्तार और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल होंगे। इन पहलों के जरिए पर्यटन उद्योग को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह वेबिनार बजट में प्रस्तुत नीतिगत दृष्टि को व्यवहारिक योजनाओं में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। इससे समावेशी विकास और आर्थिक प्रगति को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त हुआ था। उस दौरान भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की संस्मरण पुस्तक को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस देखने को मिली थी। सरकार का कहना है कि पोस्ट बजट वेबिनार के जरिए विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि देश के आर्थिक विकास के साथ-साथ आम लोगों की आकांक्षाओं को भी पूरा किया जा सके।

