द लोकतंत्र/ असम : प्रधानमंत्री Narendra Modi 14 फरवरी को असम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च शिक्षा और शहरी परिवहन को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर पहुंचेंगे और वहां लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे वे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे और फिर गुवाहाटी के लचित घाट में विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
कनेक्टिविटी को नई रफ्तार, रणनीतिक ढांचे को मजबूती
पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी को भारतीय वायुसेना के सहयोग से तैयार किया गया है, ताकि आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमान सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकें। यह सुविधा प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के समय राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दोहरे उपयोग वाले इस ढांचे पर 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट विमान संचालन कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने छह लेन वाले कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन भी करेंगे, जो गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है। इस आधुनिक पुल के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर करीब सात मिनट रह जाएगा। भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिसमें बेस आइसोलेशन सिस्टम और हाई-परफॉर्मेंस केबल शामिल हैं। साथ ही, ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए इसकी स्थिति पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी, जिससे सुरक्षा और सेवा अवधि दोनों बेहतर होंगी।
डिजिटल इंडिया और शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री असम के कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। करीब 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक केंद्र विभिन्न सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डिजिटल अनुप्रयोगों को होस्ट करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी हब के रूप में भी काम करेगा। इससे पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनेगी, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री Indian Institute of Management Guwahati का उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में प्रबंधन और उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। शहरी परिवहन को स्वच्छ और सुलभ बनाने के लिए पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी, नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इस पहल से करीब 50 लाख लोगों को किफायती और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी जीवन स्तर में सुधार होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।

