द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पीएम मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उसके वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है, लेकिन भारत सरकार ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति पर चलते हुए देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में भारतीय नागरिकों और देश के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मौजूदा वैश्विक स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल सही और सत्यापित जानकारी ही साझा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी हमेशा संयम और परिपक्वता दिखाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान देश के लोगों ने जिस तरह धैर्य और अनुशासन का परिचय दिया, वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बना। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा।
इससे पहले केरल के एर्नाकुलम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में नहीं छोड़ता। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे सक्रिय हैं और जरूरतमंदों को भोजन, आवास और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने खाड़ी देशों का भी आभार जताया, जो वहां रह रहे भारतीयों की देखभाल कर रहे हैं।
कांग्रेस और डीएमके पर भी साधा सियासी निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक संकट के इस समय में कांग्रेस राजनीति करने से पीछे नहीं हट रही है और ऐसे बयान दे रही है, जो विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल चाहते हैं कि भारतीय नागरिक संकट में फंसें ताकि वे सरकार पर आरोप लगा सकें। प्रधानमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे समय में देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। तमिलनाडु की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी ने डीएमके सरकार पर ‘वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल’ अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है और यही मॉडल तमिलनाडु को एक परिवार के लिए ‘एटीएम’ बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के एक मंत्री का नाम कथित ‘कैश फॉर जॉब’ घोटाले में सामने आया है, जो सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से राज्य में विकास के लिए नई राजनीतिक दिशा देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने तिरुचिरापल्ली में लगभग 5,650 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

