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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में अव्यवस्था पर सियासत तेज, ममता बनर्जी ने कहा- आयोजन राज्य सरकार का नहीं था

Politics intensifies over chaos at President Draupadi Murmu's event, Mamata Banerjee says the event was not organised by the state government.

द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया दौरे के दौरान कथित अव्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हो रहा है, उसका आयोजन राज्य सरकार द्वारा नहीं किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम एक निजी संगठन द्वारा आयोजित किया गया था और राज्य सरकार उसकी व्यवस्था में सीधे तौर पर शामिल नहीं थी।

दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को पश्चिम बंगाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताते हुए राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके स्वागत के लिए राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, जिससे प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े हुए।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में उनकी पार्टी के एक मेयर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उस समय वे जनता के मुद्दों को लेकर चल रहे अपने धरने में शामिल थीं, इसलिए वहां से जाना संभव नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही थीं और उसी वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाईं।

केंद्र ने मांगी रिपोर्ट, प्रोटोकॉल उल्लंघन पर बढ़ा विवाद

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था, वह एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकार क्षेत्र में आता है। उनके अनुसार कार्यक्रम स्थल, ग्रीन रूम और अन्य व्यवस्थाएं आयोजकों द्वारा की गई थीं, जिनमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की व्यवस्था में कमी रही है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी और आयोजकों की है, न कि राज्य सरकार की।

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने पहले ही एक पत्र लिखकर इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया था कि जिस निजी संस्था को कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है, उसके पास इतने बड़े स्तर के आयोजन का पर्याप्त अनुभव नहीं है। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने अपने विवेक से कार्यक्रम में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बंगाल सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार संविधान और राष्ट्रपति पद का पूरा सम्मान करती है और इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

इस बीच, केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल प्रशासन से जवाब मांगा है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल में कथित चूक, कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव, रूट परिवर्तन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट रविवार शाम 5 बजे तक भेजी जाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज हो रही हैं।

यह भी पढ़ें : निशांत कुमार का राजनीतिक डेब्यू, जदयू मुख्यालय में ली पार्टी की सदस्यता

Team The Loktantra

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