द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी ने इस वर्ष होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी ने उम्मीदवार चयन और संगठनात्मक मजबूती के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों का गठन किया है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि समय रहते सही रणनीति, जमीनी फीडबैक और उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन से चुनावी प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सकता है। इस दिशा में उठाया गया यह कदम पार्टी की गंभीर चुनावी रणनीति को दर्शाता है।
असम स्क्रीनिंग कमेटी की कमान प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथ
असम विधानसभा चुनावों को लेकर गठित स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को सौंपी गई है। प्रियंका गांधी को पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन को नई ऊर्जा देने और स्थानीय मुद्दों को समझने वाला नेता माना जाता है। उनके नेतृत्व में यह कमेटी असम में उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक संतुलन और चुनावी रणनीति पर काम करेगी।
इमरान मसूद को मिली अहम जिम्मेदारी
इस स्क्रीनिंग कमेटी में सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को सदस्य बनाया गया है। इमरान मसूद संगठनात्मक अनुभव और चुनावी रणनीति की समझ के लिए जाने जाते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे असम में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर फीडबैक जुटाने में प्रियंका गांधी वाड्रा की सहायता करेंगे। कांग्रेस को उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय इमरान मसूद का अनुभव असम जैसे महत्वपूर्ण राज्य में पार्टी को मजबूती देगा।
असम स्क्रीनिंग कमेटी के अन्य सदस्य
असम के लिए गठित इस कमेटी में प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ सप्तगिरी शंकर उलाका, डॉ. सिरिवेला प्रसाद और इमरान मसूद को शामिल किया गया है। ये सभी नेता संगठनात्मक कामकाज और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कमेटी का मुख्य उद्देश्य संभावित उम्मीदवारों की छंटनी, सामाजिक समीकरणों का आकलन और पार्टी की जमीनी स्थिति को मजबूत करना है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में टी.एस. सिंह देव को जिम्मेदारी
कांग्रेस ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंह देव को सौंपी है। उनके साथ यशोमती ठाकुर, जी.सी. चंद्रशेखर और अनिल कुमार यादव को सदस्य बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि सिंह देव जैसे अनुभवी नेता के नेतृत्व में दक्षिण भारत में कांग्रेस की रणनीति को नई धार मिलेगी।
इसके अलावा कांग्रेस ने केरल और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों के लिए भी स्क्रीनिंग कमेटियां बनाई हैं। केरल में मधुसूदन मिस्त्री को चेयरपर्सन बनाया गया है, जबकि सैयद नसीर हुसैन, नीरज डांगी और अभिषेक दत्त सदस्य हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के लिए बी.के. हरिप्रसाद को चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है, जिनके साथ डॉ. मोहम्मद जावेद, ममता देवी और बी.पी. सिंह काम करेंगे।
रणनीतिक संदेश और चुनावी संकेत
इन नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी चुनावों को हल्के में नहीं ले रही है। अनुभवी और सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती, पारदर्शी उम्मीदवार चयन और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्क्रीनिंग कमेटियों की यह पहल कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में मजबूत चुनौती पेश करने में मदद कर सकती है।

