द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। बिहार, असम और ओडिशा से दो-दो नाम घोषित, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से एक-एक प्रत्याशी। जानिए पूरी लिस्ट और चुनाव की तारीख। देश के कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Bharatiya Janata Party (बीजेपी) ने राज्यसभा के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी इस सूची में बिहार, असम और ओडिशा से दो-दो उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से एक-एक प्रत्याशी को मैदान में उतारा गया है।
बिहार से बीजेपी ने अपने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष Nitin Naveen को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम की घोषणा को बिहार की राजनीति में पार्टी की रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन के साथ ही बिहार से शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
असम, ओडिशा और अन्य राज्यों में ये चेहरे मैदान में
असम से पार्टी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को उम्मीदवार घोषित किया है। ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मौका दिया गया है। मनमोहन सामल वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, ऐसे में उनकी उम्मीदवारी संगठनात्मक संतुलन के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल से पार्टी ने Rahul Sinha को उम्मीदवार बनाया है। वहीं छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
16 मार्च को मतदान, 37 सीटों पर होगा चुनाव
राज्यसभा की कुल 37 सीटों पर देशभर में चुनाव होना है। मतदान की तारीख 16 मार्च तय की गई है। नामांकन की प्रक्रिया सीमित समय के भीतर पूरी करनी होगी, क्योंकि 3 और 4 मार्च को होली के चलते अवकाश रहेगा। ऐसे में 5 मार्च तक ही नामांकन दाखिल किया जा सकेगा।
बिहार में पांच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें Harivansh Narayan Singh, Upendra Kushwaha, Ramnath Thakur, Premchand Gupta और Amrendra Dhari Singh शामिल हैं। इनमें हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जेडीयू से, प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह आरजेडी से तथा उपेंद्र कुशवाहा रालोमो से संबंधित हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। बीजेपी की पहली सूची से साफ है कि पार्टी संगठन और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रही है। अब अन्य दलों की सूची पर सबकी नजरें टिकी हैं।

