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राज्यसभा MP कपिल सिब्बल और RJD के एडी सिंह ने लगाया आरोप – 6000 पेशेवर वोटर ट्रेनों से भेजे गए बिहार

Rajya Sabha MP Kapil Sibal and RJD's AD Singh alleged that 6000 professional voters were sent to Bihar by trains.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दूसरे चरण की वोटिंग से पहले प्रचार थम चुका है, लेकिन कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के बयान ने नया राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया है। सिब्बल ने आरोप लगाया है कि पहले चरण के मतदान के बाद हरियाणा से बिहार के लिए 4 विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें करीब 6000 लोग सवार थे।

उनका दावा है कि यह कदम ‘चुनावी उद्देश्यों’ से उठाया गया है और इस पर सवाल उठाए जाने चाहिए कि इन ट्रेनों का किराया किसने चुकाया और आखिर किस उद्देश्य से इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बिहार भेजा गया।

https://twitter.com/KapilSibal/status/1987449043908432014

कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया

सिब्बल ने प्रेस वार्ता में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की कार्यशैली पहले से ही संदिग्ध है, और यही कारण है कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान नहीं लेगा। उन्होंने बताने के साथ-साथ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए कि 3 नवंबर को करनाल से बरौनी और भागलपुर के लिए दो ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें लगभग 1500-1500 लोग सवार थे। इसके अलावा दो और ट्रेनें गुरुग्राम से भागलपुर के लिए चलीं, जिनमें भी हजारों लोग बैठे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये सभी हरियाणा के मूल मतदाता थे या फिर किसी खास मकसद से भेजे गए लोग?

आरजेडी सांसद एडी सिंह ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि इन ट्रेनों का भुगतान भाजपा नेताओं द्वारा किया गया है और रेलवे अधिकारियों को उनसे संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि यात्रियों में ‘पेशेवर वोटर’ शामिल थे जिनके पास फर्जी वोटर ID कार्ड थे। एडी सिंह ने चुनाव आयोग पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला केवल विशेष ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है।

रेलवे मंत्रालय ने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया

दूसरी ओर, रेलवे मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि त्योहारों के मौसम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देशभर में 12000 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें यह ट्रेनें भी शामिल थीं। रेलवे ने कहा कि अचानक भीड़ बढ़ने पर तत्काल ट्रेनें चलाई जाती हैं, और इसके लिए तीन स्तरों पर वार रूम बनाए गए हैं। मंत्रालय ने इसे पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है।

बिहार में इस समय चुनावी माहौल चरम पर है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस बार इंडिया गठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, जबकि एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में मैदान में है। इस बीच, सिब्बल का यह आरोप चुनावी समर में नया मुद्दा बन गया है और देखना होगा कि आयोग इस दावे पर क्या रुख अपनाता है।

Team The Loktantra

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