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गणतंत्र दिवस पर ‘प्रोटोकॉल’ विवाद: विपक्ष के नेताओं की सीटिंग को लेकर मोदी सरकार पर कांग्रेस का हमला

Republic Day 'protocol' controversy: Congress attacks Modi government over seating arrangements for opposition leaders.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड के बाद अब सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्र की भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर विपक्ष के नेताओं का अपमान किया गया। उनका आरोप है कि लोकसभा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को परेड के दौरान तीसरी पंक्ति में बैठाया गया, जो प्रोटोकॉल के खिलाफ है और यह जानबूझकर किया गया कदम प्रतीत होता है।

कांग्रेस नेता ने पूछा सवाल – अचानक यह प्रोटोकॉल क्यों बदल गया?

मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि वर्ष 2014 में यूपीए सरकार के दौरान लालकृष्ण आडवाणी को गणतंत्र दिवस परेड में पहली पंक्ति में स्थान दिया गया था। उन्होंने पूछा कि अब अचानक यह प्रोटोकॉल क्यों बदल गया? टैगोर ने आरोप लगाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जानबूझकर मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को अपमानित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मणिकम टैगोर ने कहा कि यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और आडवाणी जैसे विपक्षी नेता हमेशा सम्मानजनक स्थान पर बैठते थे। उनके अनुसार, यह सरकार द्वारा की जा रही बेहद निम्न स्तर की राजनीति है, जबकि गणतंत्र दिवस ऐसा दिन होना चाहिए जब पूरा देश एकजुट होकर लोकतंत्र और उपलब्धियों का उत्सव मनाए।

यह व्यवहार सरकार की हताशा और हीनभावना को उजागर करता है – रणदीप सुरजेवाला

इस मुद्दे पर कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इसे प्रोटोकॉल और गरिमा की कमी बताया। वहीं पंजाब कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कांग्रेस ने देश को आज़ादी दिलाई है और सीट कहीं भी मिले, देश हमारा ही है।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह व्यवहार सरकार की हताशा और हीनभावना को उजागर करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप है। वहीं कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कमतर करने की कोशिश करती है, जो संविधान और गणतंत्र की भावना के खिलाफ है।

हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और यह भी दावा किया गया कि राहुल गांधी ने स्वयं भी एक महत्वपूर्ण अवसर पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था। इसके बावजूद, कांग्रेस इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादा से जोड़कर सरकार पर लगातार सवाल खड़े कर रही है।

Team The Loktantra

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