द लोकतंत्र/ अयोध्या : अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सपा सांसद अवधेश प्रसाद Awadhesh Prasad ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में लगे कारीगरों और श्रमिकों को सम्मान दिए जाने की जोरदार मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राम मंदिर का निर्माण ऐतिहासिक और भव्य तरीके से हुआ है, उसी तरह इसे बनाने वाले श्रमिकों और शिल्पकारों का योगदान भी ऐतिहासिक है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सोमवार को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा कि देश के श्रमिकों और कारीगरों ने कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ इस भव्य मंदिर का निर्माण किया, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि राम मंदिर परिसर में एक सूची लगाई जाए, जिसमें मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी श्रमिकों, कलाकारों और कारीगरों के नाम दर्ज हों।
मंदिर परिसर में लगे श्रमिकों और कारीगरों की सूची
सपा सांसद ने कहा, राम मंदिर के निर्माण में हमारे देश के श्रमिकों और कारीगरों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन सभी को सम्मानित किया जाए। उनकी एक सूची मंदिर परिसर में लगाई जानी चाहिए, ताकि देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक जान सकें कि किन-किन लोगों ने इस महान कार्य में योगदान दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे न केवल श्रमिकों और कारीगरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि समाज में श्रम और कला के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होगी। अवधेश प्रसाद के अनुसार, मंदिर जैसे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व के कार्यों में लगे लोगों को पहचान देना सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक अहम कदम होगा।
नए साल पर रामलला के दर्शन, जनता को दिया संदेश
अवधेश प्रसाद ने यह भी बताया कि उन्होंने नए साल के अवसर पर अपने परिवार के साथ Shree Ram Janmabhoomi Temple में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम की ओर से देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने राम मंदिर के निर्माण की सराहना करते हुए कहा, राम मंदिर का निर्माण बहुत ही सुंदर और मजबूत तरीके से किया गया है। यह मंदिर हजारों वर्षों तक खड़ा रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और संस्कृति का केंद्र बना रहेगा।
प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ और राष्ट्रीय गौरव
गौरतलब है कि बीते महीने अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई थी, जिसमें रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी शिरकत की थी। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने इसे देश के लिए गर्व और आध्यात्मिक संतोष का क्षण बताया था। उन्होंने कहा था कि सदियों के इंतजार के बाद भगवान श्रीराम का अपने भव्य मंदिर में विराजमान होना केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और दुनिया भर के राम भक्तों के लिए गौरव की बात है। उनका कहना था कि अयोध्या की हर गली, हर चौक और हर सांस में राम बसते हैं।
अवधेश प्रसाद की मांग को राजनीतिक हलकों में श्रमिक सम्मान और सामाजिक सरोकार से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका कहना है कि राम मंदिर सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उन लाखों हाथों की मेहनत का भी प्रतीक है, जिन्होंने इसे आकार दिया। ऐसे में उन हाथों को पहचान और सम्मान देना समय की जरूरत है।

