द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने सदन में कहा कि बिहार की पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और राज्य में “सुशासन” की व्यवस्था कायम है।
हाल ही में पटना में एक सांसद की गिरफ्तारी के संदर्भ में, बिना नाम लिए सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उनका इशारा सांसद पप्पू यादव की ओर माना जा रहा है। डिप्टी सीएम ने कहा कि कुछ लोग एयरपोर्ट पर उतरते ही बयान देते हैं कि बिहार पुलिस कुछ नहीं कर सकती, लेकिन दो घंटे के भीतर ही गिरफ्तारी हो जाती है और फिर वही लोग बीमार होने की बात करने लगते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अब तो हाथी भी पुलिस के डर से बीमार होकर अस्पताल जाना पसंद करता है। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि यह बिहार में बदली हुई व्यवस्था का उदाहरण है और अब अपराधियों को किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाती।
जेल से नहीं चलती हुकूमत: आरजेडी शासन पर हमला, नीतीश सरकार की तारीफ
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ नेता केवल गलत बयानबाजी करते हैं। उन्होंने राबड़ी देवी के एक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी मंत्री या उसके परिजन की संलिप्तता के आरोप हैं, तो नाम और सबूत सामने लाए जाएं। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि पुलिस किसी को नहीं छोड़ती और न ही छोड़ेगी। यही सुशासन की पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल के शासनकाल में जेल से हुकूमत चलती थी, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। सम्राट चौधरी ने बताया कि अब राज्य की जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था है। अपराधियों से मिलने-जुलने वालों पर भी नजर रखी जाती है। उनके अनुसार, यह व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
सदन में दिए गए उनके बयान को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि सरकार अपराध के खिलाफ सख्त है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था हमेशा बड़ा मुद्दा रही है। ऐसे में सदन में दिया गया यह बयान आगामी राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।

