द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : महाराष्ट्र की राजनीति में शोक और हलचल के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार (Sharad Pawar) बुधवार (4 फरवरी) को पुणे जिले के बारामती पहुंचे। यहां उन्होंने हाल ही में विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए अपने भतीजे Ajit Pawar को श्रद्धांजलि अर्पित की। शरद पवार मंगलवार देर रात ही बारामती पहुंचे थे और शहर की सहयोग सोसाइटी का दौरा किया, जहां अजित पवार के अचानक निधन पर शोक सभा आयोजित की गई थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पवार परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। इनमें अजित पवार के पुत्र पार्थ और जय पवार के साथ विधायक Rohit Pawar भी शामिल थे। परिवार और समर्थकों के बीच माहौल बेहद भावुक रहा, क्योंकि अजित पवार को राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता था।
सुनेत्रा पवार के आवास पर भी पहुंचे शरद पवार
शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar के बारामती स्थित आवास पर जाकर भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। गौरतलब है कि अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद, 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले शरद पवार ने उनके इस पदभार ग्रहण करने पर संतोष जताते हुए कहा था कि परिवार और पार्टी दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पार्थ और जय पवार के साथ बंद कमरे में बैठक
दिन में बारामती के विद्या प्रतिष्ठान परिसर में शरद पवार ने अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय के साथ एक बंद कमरे में अहम बैठक भी की। सूत्रों के अनुसार यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, हालांकि इसके एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी और परिवार दोनों के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
क्या एनसीपी गुटों के विलय पर हुई चर्चा?
सूत्रों का कहना है कि बैठक में संभवतः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभिन्न गुटों के संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया।
अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार और पार्टी के कुछ नेताओं ने दावा किया था कि एनसीपी गुटों के विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में थी। बताया गया कि दिवंगत नेता ने इस घोषणा के लिए 12 फरवरी की संभावित तारीख भी तय की थी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया था खंडन
हालांकि, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा था कि यदि विलय को लेकर वास्तव में कोई बातचीत चल रही होती, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर दी जाती। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई थीं।
राजनीति और परिवार दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
अजित पवार के निधन ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। ऐसे समय में शरद पवार का बारामती दौरा और परिवार के साथ उनकी बैठक को एकजुटता और आगे की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में पार्टी की दिशा क्या होगी और क्या वास्तव में एनसीपी के गुटों के बीच एकता की राह बनेगी।

