द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (SP) प्रमुख शरद पवार ने औद्योगिक जगत के बड़े नाम गौतम अडाणी की सफलता की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, मेहनत और विजन का ऐसा उदाहरण है, जिससे देश की नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
पवार रविवार को बारामती के गदीमा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे, जहां विद्या प्रतिष्ठान के नए ‘शरदचंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र देश का पहला गैर-सरकारी AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बताया जा रहा है। कार्यक्रम में गौतम अडाणी और प्रीति अडाणी की विशेष उपस्थिति रही, जिसे शरद पवार ने ‘उत्साहजनक और ऐतिहासिक क्षण’ बताया।
अडाणी ने शून्य से सफर शुरू किया
शरद पवार ने कहा कि अडाणी ने जीवन की शुरुआत बहुत साधारण परिस्थितियों से की, उनके जन्मस्थान बनासकांठा में कभी विकास और अवसर सीमित थे। बेहतर भविष्य की तलाश में वह मुंबई आए, उस वक्त उनके पास न ज्यादा पैसे थे और न ही उच्च शिक्षा। लेकिन संघर्ष और कड़ी मेहनत ने उन्हें उद्योग जगत में ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
पवार ने कहा कि आज अडाणी समूह देश के 23 राज्यों में काम करता है और लाखों लोगों को रोजगार देने वाला बड़ा कॉर्पोरेट नेटवर्क बन चुका है, आने वाले प्रोजेक्ट्स से और लाखों रोजगार संभावनाएं पैदा होंगी।
उन्होंने अवसंरचना क्षेत्र में अडाणी समूह के योगदान को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के लगभग आधे एयरपोर्ट अडाणी समूह द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही सौर ऊर्जा परियोजनाओं ने नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को मजबूत किया है, जो भविष्य के भारत के लिए महत्वपूर्ण है। पवार ने कहा कि बंदरगाह और ऊर्जा सेक्टर में किए गए बड़े निवेश न केवल रोजगार बढ़ाते हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं।
नई पीढ़ी अडाणी की यात्रा से सीखे
शरद पवार ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से कहा कि अडाणी की यात्रा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी विजन, कड़ी मेहनत और अवसरों की सही पहचान व्यक्ति को शिखर तक पहुंचा सकती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में गौतम अडाणी को इसलिए बुलाया गया ताकि युवा वास्तविक सफलता और संघर्ष की कहानी समझ सकें। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, सुप्रिया सुळे और सुनैत्रा पवार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

