द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार पर हिंसा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। ‘परिवर्तन यात्रा’ को नवजागरण अभियान बताते हुए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तुष्टिकरण और घुसपैठ की नीतियों के कारण हिंसा और असुरक्षा का माहौल बना है। मीडिया से बातचीत में चौहान ने कहा कि बंगाल में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा खतरे में है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार इसे सुनिश्चित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के भीतर ऐसे कई तत्व हैं जो महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
चौहान ने यह भी कहा कि राज्य में हिंदू त्योहार मनाने के लिए अनुमति की आवश्यकता पड़ती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनके अनुसार, तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अपराधी तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है और इससे आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।
‘परिवर्तन यात्रा’ को बताया नवजागरण अभियान
केंद्रीय मंत्री ने टीएमसी सरकार पर कुप्रशासन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में संसाधनों पर अवैध कब्जा, घुसपैठ और भ्रष्टाचार के कारण जनता परेशान है।
चौहान ने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन जैसे संसाधनों पर बाहरी तत्वों का कब्जा बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और ‘परिवर्तन यात्रा’ बंगाल के लिए नवजागरण यात्रा साबित होगी। उनके अनुसार, टीएमसी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है। बीजेपी का दावा है कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है, तो सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। बीजेपी और टीएमसी के बीच लंबे समय से वैचारिक और राजनीतिक टकराव जारी है, जो चुनावी माहौल में और तीखा हो जाता है।
शिवराज सिंह चौहान के बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल में बीजेपी ‘परिवर्तन’ के नारे के साथ जनसमर्थन जुटाने में लगी है, जबकि टीएमसी अपने विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को आगे रख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में यह आरोप-प्रत्यारोप और तीखे हो सकते हैं, जिससे राज्य का चुनावी माहौल और गर्माएगा।

