द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : सिमरिया के पास सोमवार को हुए रेडबर्ड एयरवेज के एयर एम्बुलेंस विमान हादसे (Simaria Air Ambulance Crash) ने देशभर में शोक की लहर पैदा कर दी है। इस दुखद घटना पर Council of Indian Aviation ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. नितिन जाधव ने जारी बयान में कहा कि यह दुर्घटना बेहद दुखद है और विमान एक महत्वपूर्ण मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन पर था। बताया गया कि विमान में एक मरीज, चिकित्सा कर्मी, सहयोगी स्टाफ और फ्लाइट क्रू सवार थे। ऐसे मिशन मानवता की सेवा का सर्वोच्च उदाहरण होते हैं, जहां हर सेकंड जीवन बचाने के लिए अहम होता है।
काउंसिल ने कहा कि यह हादसा उन जोखिमों की याद दिलाता है, जिनका सामना एविएशन प्रोफेशनल्स और मेडिकल टीमें आपातकालीन परिस्थितियों में करती हैं। संगठन ने सभी प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा एविएशन समुदाय उनके साथ खड़ा है।
निष्पक्ष जांच पर जोर, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का संकल्प
काउंसिल ऑफ इंडियन एविएशन ने स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। साथ ही, हादसे के कारणों की गहन और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया है। बयान में कहा गया कि एक निष्पक्ष जांच न केवल वास्तविक कारणों को सामने लाएगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने में भी मदद करेगी।
संगठन ने स्पष्ट किया कि वह संबंधित जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि ऑपरेशनल एक्सीलेंस और एविएशन प्रोफेशनल्स के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। काउंसिल ने अपने संदेश में कहा कि यह समय एकजुटता और संवेदना का है। एविएशन समुदाय इस क्षति पर शोक व्यक्त करते हुए सुरक्षित आसमान सुनिश्चित करने के अपने मिशन पर अडिग रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर एम्बुलेंस सेवाएं स्वास्थ्य प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं, खासकर गंभीर मरीजों के त्वरित स्थानांतरण में। ऐसे में इस प्रकार की दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की निरंतर समीक्षा और तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। यह हादसा एक बार फिर बताता है कि आपातकालीन उड्डयन सेवाएं कितनी संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होती हैं, और इन्हें सुरक्षित बनाए रखना सभी संबंधित एजेंसियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

