द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में आयोजित ‘बदलाव रैली’ में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पंजाब में बनती है, तो सबसे पहला विधेयक धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि आज पंजाब कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, जिनमें नशे की समस्या, गैंगस्टरों का आतंक, भ्रष्टाचार और धार्मिक धर्मांतरण प्रमुख हैं। उन्होंने दावा किया कि इन समस्याओं से राज्य को बाहर निकालने के लिए एक मजबूत और निर्णायक सरकार की जरूरत है, जो केवल बीजेपी दे सकती है।
शाह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर पंजाब को नशामुक्त बनाना है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हैं, तो राज्य में ‘डबल इंजन सरकार’ जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर और देश में नक्सलवाद को कमजोर कर यह साबित किया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से बड़े फैसले संभव हैं।
कांग्रेस और AAP पर साधा निशाना
अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस के पुराने फैसलों और नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के समय करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान में चला गया, जबकि बाद में केंद्र की मोदी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनाकर श्रद्धालुओं के लिए रास्ता खोला। शाह ने कांग्रेस शासनकाल में पंजाब में आतंकवाद और सामाजिक तनाव बढ़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस दौर में सिख और हिंदू समुदायों के बीच तनाव पैदा हुआ, जबकि पंजाब का विकास तभी संभव है जब दोनों समुदायों के बीच मजबूत एकता बनी रहे।
वहीं, उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर भी सीधा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिल्ली के नेताओं के प्रभाव में चल रही है और पंजाब के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का काम राज्य का विकास करना होना चाहिए, लेकिन वे दिल्ली के नेताओं की यात्रा के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करने में व्यस्त हैं। शाह के अनुसार, पंजाब की राजनीति में बदलाव लाने के लिए जनता को आने वाले चुनाव में निर्णायक भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी और पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी।

