द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार से जुड़े मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री लक्ष्मी मांचू मंगलवार को हैदराबाद स्थित CID कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। यह पेशी उन चर्चित हस्तियों की बढ़ती सूची का हिस्सा मानी जा रही है, जिनसे जांच एजेंसियां अनधिकृत ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रचार को लेकर सवाल-जवाब कर रही हैं।
ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ा है मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार, लक्ष्मी मांचू को यह समन PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत जारी किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स को मनोरंजन, गेमिंग या यहां तक कि चैरिटी से जुड़े अभियानों के रूप में प्रचारित किया गया, ताकि आम लोगों का भरोसा जीता जा सके। इन अभियानों में कई फिल्मी सितारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका की जांच की जा रही है।
CID सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान लक्ष्मी मांचू से यह जानने की कोशिश की गई कि उन्होंने जिन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार किया, उनकी वैधता को लेकर कोई जांच की गई थी या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया कि प्रचार के बदले में किसी तरह का आर्थिक लाभ, भुगतान या अनुबंध हुआ था या नहीं। एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मामले में डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन्स और अन्य गवाहों के बयानों का आपस में मिलान बेहद अहम होगा।
सट्टेबाजी ऐप्स के जरिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन हुआ
इस जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी CID के साथ समन्वय में काम कर रहा है। ED अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के जरिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन हुआ है, जिसकी जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की जा रही है। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन ऐप्स ने युवाओं को तेजी से अपनी ओर आकर्षित किया और उन्हें जुए की लत की ओर धकेला।
बताया जा रहा है कि यह जांच किसी एक अभिनेत्री या एक प्रचार अभियान तक सीमित नहीं है। बीते कुछ महीनों में कई फिल्मी सितारों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से पूछताछ की जा चुकी है। एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए किए गए प्रचार ने इन अवैध ऐप्स को वैध और सुरक्षित दिखाने में बड़ी भूमिका निभाई।
लक्ष्मी मांचू की पेशी के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। तेलुगु सिनेमा में अपनी अलग पहचान रखने वाली लक्ष्मी इससे पहले भी सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलती रही हैं। ऐसे में उनका नाम इस जांच से जुड़ना फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल प्रचार से जुड़ी सेलेब्रिटी जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावशाली चेहरों द्वारा किसी भी डिजिटल प्रोडक्ट या ऐप का प्रचार करने से पहले उसकी वैधता और सामाजिक प्रभाव की जांच जरूरी हो गई है।
फिलहाल CID और ED की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्मी मांचू के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नामों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि डिजिटल युग में मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया की नैतिक व कानूनी जिम्मेदारियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

