द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम के बीच पाकिस्तान-इज़राइल के बीच तीखी बयानबाज़ी ने हालात को और जटिल बना दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के विवादित बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव खुलकर सामने आ गया है।
ख्वाजा आसिफ ने इज़राइल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ बताते हुए लेबनान में नरसंहार का आरोप लगाया। हालांकि, उनके इस बयान पर इज़राइल की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से अपनी पोस्ट हटा दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेज़बानी कर रहा है, जिसका उद्देश्य दो सप्ताह के युद्धविराम को स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ाना है।
इज़राइल की कड़ी प्रतिक्रिया, नेतन्याहू ने जताई नाराजगी
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आसिफ के बयान को ‘आपत्तिजनक’ करार देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी सरकार से स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब वह खुद को शांति का मध्यस्थ बता रही हो। इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने भी इसे “यहूदी विरोधी” बयान बताते हुए कहा कि उनका देश अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़राइल उन ताकतों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा जो उसके अस्तित्व के लिए खतरा हैं।
लेबनान हमलों से बढ़ी चिंता, वार्ता पर संकट
इस बीच लेबनान में इज़राइल के हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवाई हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के घायल होने की खबर है, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इन हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहे, तो यह शांति वार्ता को पूरी तरह विफल कर सकता है और ईरान अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा।
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहले दावा किया था कि लेबनान को भी युद्धविराम में शामिल किया गया है, लेकिन इस दावे को अमेरिका और इज़राइल दोनों ने खारिज कर दिया। कुल मिलाकर, एक तरफ जहां कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बयानबाज़ी और सैन्य कार्रवाई इस पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े संघर्ष की ओर धकेल रही है। मिडिल ईस्ट की स्थिति फिलहाल बेहद संवेदनशील बनी हुई है, जिस पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।

