द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पूर्व आईपीएल चेयरमैन और आर्थिक अपराध मामलों में भारत से फरार चल रहे ललित मोदी ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को अपने विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। यह माफी उस वायरल वीडियो के बाद सामने आई, जिसमें मोदी भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के साथ दिखाई दिए थे। वीडियो में दोनों को एक साथ जन्मदिन सेलिब्रेशन के दौरान देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उठीं।
ललित मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाएं ठेस पहुँचाने का नहीं था, विशेष रूप से भारत सरकार का। उन्होंने लिखा, अगर मेरी किसी बात से किसी की भावना आहत हुई है, खासकर भारतीय सरकार की, तो मैं क्षमा चाहता हूँ। मेरी बात को गलत तरीके से समझा गया। मैं भारत सरकार और उसकी संस्थाओं का सम्मान करता हूँ। मोदी ने यह भी दोहराया कि उनके बयान का वास्तविक अर्थ तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
वायरल वीडियो कैसे बना विवाद का कारण?
विवाद तब शुरू हुआ जब बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें ललित मोदी और विजय माल्या साथ नजर आए, और बताया जा रहा है कि वीडियो माल्या के जन्मदिन समारोह का था। ललित मोदी ने इंस्टाग्राम पर उक्त वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, Break the internet, happy birthday my friend #VijayMallya। वीडियो में उन्होंने खुद और माल्या को ‘भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े’ बताने जैसे शब्दों का उपयोग किया, जिसके बाद मामला और गर्म हो गया।
सोशल मीडिया पर आलोचना और प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी। लोगों ने दोनों पर भारतीय कानून और न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। ट्विटर/X पर कई यूजर्स ने लिखा कि आर्थिक अपराधों में वांछित व्यक्तियों का मजेदार अंदाज में खुद को ‘फ्यूजिटिव’ कहना पीड़ित जनता के साथ व्यंग्य जैसा है। बढ़ते विरोध के बीच ललित मोदी ने सफाई दी कि वीडियो मज़ाकिया अंदाज में था और उसे गलत अर्थों में लिया गया। हालांकि आलोचना के बावजूद उन्होंने वीडियो अपनी प्रोफ़ाइल से हटाया नहीं।
भारत सरकार का रुख, फरार अपराधी वापस लाए जाएंगे
विवाद के बीच भारत सरकार भी सक्रिय दिखाई दी। विदेश मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि देश आर्थिक भगोड़ों को वापस लाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगा। ऐसे में दो आर्थिक अपराध मामलों से जुड़े आरोपियों का साथ में नज़र आना और उस पर टिप्पणी करना न केवल संवेदनशील मुद्दा बना, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी चर्चाओं का केंद्र बन गया।
ललित मोदी की माफी से मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है, लेकिन वीडियो अब भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि क्या इस मामले में सरकार या एजेंसियां आगे कोई औपचारिक कदम उठाती हैं या नहीं। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि विदेशी धरती पर रह रहे भारतीय आर्थिक अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कब और कैसे कसेगा और जनता कब न्याय की उम्मीद पूरी होते देखेगी।

