द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने शुक्रवार को बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ सरकार द्वारा लाया जाने वाला प्रस्ताव फिलहाल वापस ले लिया गया है। यह फैसला तब लिया गया जब भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एक सब्सटैंटिव मोशन पेश कर दिया। रिजिजू ने कहा कि मोशन स्वीकार होने के बाद सरकार लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से परामर्श कर तय करेगी कि मामले को विशेषाधिकार समिति, आचार समिति को भेजा जाए या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाए।
रिजिजू के अनुसार, सरकार राहुल गांधी के बजट भाषण और एक अप्रकाशित किताब का संसद में उल्लेख करने को नियमों का उल्लंघन मान रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण के दौरान प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और कई ऐसे मुद्दे उठाए गए जिन्हें सरकार अनुचित मानती है। हालांकि, निजी सदस्य द्वारा मोशन लाए जाने के कारण फिलहाल सरकारी प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
दुबे के आरोपों से गरमाई राजनीति, राहुल बोले- ‘पीछे नहीं हटूंगा’
निशिकांत दुबे ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के हालिया संसदीय भाषण की जांच के लिए एक विशेष संसदीय समिति गठित करने की मांग की थी। उन्होंने कांग्रेस नेता पर ‘अनुचित आचरण’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयान देश को अस्थिर कर सकते हैं। दुबे ने यह भी दावा किया कि गांधी कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े हैं और इस मुद्दे पर सदन में बहस की अनुमति मांगी है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने संसद में पूर्व सेना प्रमुख Manoj Mukund Naravane की एक अप्रकाशित पुस्तक के अंशों का हवाला दिया, जिस पर अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए ऐसा न करने की हिदायत दी। हाल ही में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की आलोचना करते हुए सरकार पर किसानों और देश के हितों से समझौता करने का आरोप भी लगाया था।
इन घटनाओं के बीच राहुल गांधी ने साफ कहा है कि यदि उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव भी लाया जाता है, तब भी वे अपने रुख से ‘एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।’ इस पूरे घटनाक्रम ने संसद की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।

