द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची के बाद पूरे देश में सम्मान और गौरव का माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में उनका समर्पण, प्रतिभा और सेवा भावना समाज को बेहतर बनाने का कार्य करती है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, सामाजिक कार्य और सार्वजनिक जीवन जैसे विविध क्षेत्रों में जिन लोगों ने उल्लेखनीय कार्य किया है, उनका सम्मान राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह सम्मान उस प्रतिबद्धता और काबिलियत को दर्शाता है, जो भारत की आत्मा को मजबूत बनाती है।
132 विभूतियों को मिलेगा पद्म सम्मान
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 नामों को पद्म पुरस्कारों के लिए मंजूरी दी है। इस सूची में 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 114 को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस वर्ष के पुरस्कारों में 19 महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा विदेशी, एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई श्रेणी के 6 व्यक्तियों को भी यह सम्मान दिया गया है, जबकि 16 पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किए जाएंगे।
धर्मेंद्र और शिबू सोरेन को मरणोपरांत सम्मान
पद्म विभूषण पाने वालों में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), केटी थॉमस, एन. राजम, पी. नारायणन और वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) के नाम शामिल हैं। वहीं पद्म भूषण से सम्मानित होने वालों में अलका याग्निक, भगत सिंह कोश्यारी, कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी, ममूटी, डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु, विजय अमृतराज, पीयूष पांडे (मरणोपरांत), एसकेएम मैइलानंदन, शतावधानी आर. गणेश, झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन (मरणोपरांत), उदय कोटक, वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत) और वेल्लापल्ली नटेसन जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।
सरकार और नेताओं ने जताया सम्मान
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इन विभूतियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर ऊंचा किया है। उन्होंने इसे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
गौरतलब है कि पद्म पुरस्कार हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं और यह सम्मान देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक जीवन में योगदान देने वाले व्यक्तियों के लिए सर्वोच्च मान्यता माने जाते हैं। इस बार की सूची ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भारत विविध प्रतिभाओं और सेवा भाव से समृद्ध राष्ट्र है।

