द लोकतंत्र/ पटना : बिहार के जमुई जिले में शनिवार रात एक बड़ा रेल हादसा सामने आया है। पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत जसीडीह–झाझा रेलखंड पर सीमेंट से लदी मालगाड़ी के कई डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। हादसा सिमुलतला के टेलवा बाजार हॉट के नजदीक बडुआ नदी पुल संख्या-676 के पास हुआ, जहां 3 डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे और दो डिब्बे पुल पर खतरनाक तरीके से लटक गए। देर रात 11:30 बजे हुई इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया और राहत-बचाव कार्य में कई घंटे तक जूझना पड़ा।
कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताई पूरी कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी जैसे ही पुल के करीब पहुंची, पटरी अचानक उखड़ गई और ट्रेन का संतुलन बिगड़ गया। इस अचानक झटके से आधा दर्जन से अधिक डिब्बे पटरियों से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑफलाइन पटरी टूटकर डाउन लाइन में सिमट गई, जिससे अप और डाउन दोनों लाइनें पूरी तरह बाधित हो गईं। परिणामस्वरूप कई ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा और रूट बदलाव भी शुरू कर दिया गया।
रेल संचालन ठप, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, राहत व बचाव जारी
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। भारी मशीनों और क्रेनों की सहायता से वैगनों को हटाने का कार्य जारी है। ट्रैक की मरम्मत और डिब्बों को हटाने में समय लग सकता है, ऐसे में जसीडीह–झाझा सेक्शन पर रेल यातायात अनिश्चितकाल के लिए प्रभावित हो गया है। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है और वैकल्पिक रूट से कुछ ट्रेनों को संचालित करने की तैयारी चल रही है।
सौभाग्य से कोई जान हानि नहीं, कारणों की जांच के आदेश
इस हादसे में किसी तरह की जान हानि नहीं हुई है, जिसे बड़ी राहत माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती संभावना तकनीकी खराबी या ओवरलोडिंग की ओर इशारा करती है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट में स्पष्ट होगा। विभाग ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी होगी। यह हादसा रेल सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है, खासकर मालगाड़ियों में भार नियंत्रण और पुराने ट्रैक के रखरखाव को लेकर। फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता ट्रैक क्लियर कर जल्द से जल्द परिचालन बहाल करना है।

