द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस अहम संपर्क की जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। हालांकि, बातचीत के एजेंडे या निष्कर्षों पर फिलहाल कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। राजदूत ने केवल इतना कहा कि आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहें।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत–अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अंतिम निर्णय लंबित है। राष्ट्रपति ट्रंप इससे पहले कई मौकों पर संकेत दे चुके हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर जल्द ही मुहर लग सकती है। बावजूद इसके, औपचारिक ऐलान का इंतजार बना हुआ है।
ट्रेड डील की पृष्ठभूमि: टैरिफ और दबाव
भारत और अमेरिका मार्च 2025 से व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इस बीच, पिछले साल अगस्त से अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया है, जो किसी भी देश पर लगाए गए उच्चतम शुल्कों में गिना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ रूस से तेल खरीदने के संदर्भ में लगाया गया था। इन शुल्कों का असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ा है और यही वजह है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक सक्रियता तेज़ हुई है।
तेल आयात पर ट्रंप का दावा
रविवार, 1 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला में हुए कानूनी सुधारों के बाद यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है, जिससे रूस भारत के शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। ट्रंप का यह बयान ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जयशंकर की अमेरिका यात्रा: रिश्तों को नई दिशा?
इसी बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर वाशिंगटन के नेतृत्व में आयोजित रेयर मिनरल्स सप्लाई चेन पर मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं। उनकी यह यात्रा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कूटनीतिक हलकों में इसे दोनों देशों के रिश्तों में आई हालिया खटास को कम करने और संवाद को पुनर्जीवित करने का अवसर बताया जा रहा है।
तनाव के कारण और आगे की राह
पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों पर कई मुद्दों का असर पड़ा है- जैसे मई में भारत–पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को समाप्त कराने को लेकर ट्रंप के दावे, और अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति। इन सभी के बीच ट्रंप-मोदी की फोन वार्ता और जयशंकर की वाशिंगटन यात्रा संकेत देती है कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को पटरी पर रखने के लिए सक्रिय हैं।
कुल मिलाकर, यह संपर्क आने वाले दिनों में ट्रेड डील, ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक समन्वय पर ठोस प्रगति की भूमिका तैयार कर सकता है। अब निगाहें आधिकारिक बयानों और संभावित घोषणाओं पर टिकी हैं।

