द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दौरान जोरदार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही ठप होने के बाद बाहर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर बोलने नहीं दिया जा रहा है और सरकार सच सामने आने से डर रही है।
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब चीनी टैंक डोकलाम के करीब थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्कालीन सेना प्रमुख से क्या कहा था- वे इसी सवाल को उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें सदन में बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह आखिर चुप क्यों हैं।
‘सरकार को पता नहीं किस बात का डर’
राहुल गांधी ने कहा, मुझे समझ नहीं आ रहा कि सरकार को किस बात का डर सता रहा है। अगर सब कुछ सही है, तो चर्चा से क्यों भागा जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में जानबूझकर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है ताकि कुछ सवालों से बचा जा सके।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब का जिक्र, सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि सरकार ने एक किताब छपने नहीं दी। उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे अपनी किताब के जरिए कुछ अहम बातें सामने रखना चाहते थे, लेकिन मोदी सरकार सच्चाई को छिपा रही है। राहुल गांधी के अनुसार, वे उसी किताब में लिखी बातों को सदन में उद्धृत करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व आर्मी चीफ ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है। मैं सिर्फ उसी आर्टिकल को कोट कर रहा हूं, लेकिन सरकार मुझे बोलने नहीं दे रही, राहुल गांधी ने कहा।
‘एक लाइन से डरी हुई है सरकार’
राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार केवल एक लाइन से डरी हुई है। उन्होंने कहा, उस किताब में एक लाइन ऐसी है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डरते हैं। मैं वह लाइन संसद के अंदर कहूंगा और मुझे कोई नहीं रोक पाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि जमीन ली गई या नहीं, यह अलग सवाल है और इस पर बाद में चर्चा हो सकती है, लेकिन उससे पहले यह जानना जरूरी है कि देश के शीर्ष नेतृत्व ने उस समय क्या रुख अपनाया। “देश के नेता को दिशा देनी होती है। फैसलों से भागना नहीं चाहिए और जिम्मेदारी दूसरों के कंधों पर नहीं डालनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने ठीक यही किया है,” राहुल गांधी ने आरोप लगाया।
राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार
लोकसभा में हुए इस हंगामे के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार की ओर से भी तीखे जवाब आने की संभावना जताई जा रही है। संसद के आगामी सत्रों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।

