द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अमेरिका ने नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में ISIS के आतंकवादी ठिकानों पर बड़ा एयरस्ट्राइक किया है, जिसके बाद नाइजीरिया सरकार ने इस ऑपरेशन को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ उसकी लड़ाई अमेरिका समेत कई अंतरराष्ट्रीय साझेदार देशों के सहयोग से चल रही है।
इसी सुरक्षा और खुफिया साझेदारी के तहत नाइजीरिया के उत्तरी इलाकों में मौजूद ISIS कैंपों को एयर स्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों, द्विपक्षीय समझौतों और संप्रभुता के सम्मान के आधार पर की गई है, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करने से लेकर रणनीतिक समन्वय और लॉजिस्टिक सपोर्ट तक शामिल है।
अभियान का उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना, वित्त पोषण और सप्लाई चेन को बाधित करना तथा सीमा पार होने वाली हिंसक गतिविधियों पर रोक लगाना है। नाइजीरिया ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और मानवाधिकारों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्रालय के अनुसार आतंकवाद किसी धर्म या जातीय पहचान से ऊपर एक वैश्विक खतरा है और किसी भी समुदाय के खिलाफ हिंसा नाइजीरिया की सामाजिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए अपमानजनक मानी जाती है।
आतंकी नेटवर्क पर सीधा प्रहार
सरकार ने बताया कि देश लंबे समय से आतंकवादी हिंसा का सामना कर रहा है, विशेषकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में बोको हराम और ISIS से जुड़े संगठन सक्रिय हैं। ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ यह संयुक्त अभियान एक मजबूत जवाब है। सुरक्षा संस्थाओं और खुफिया तंत्र को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्यवाहियां जारी रहेंगी। सरकार ने आश्वासन दिया कि आगे की किसी भी कार्रवाई या प्रगति की जानकारी नागरिकों को अधिकृत चैनलों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरस्ट्राइक आतंकवाद पर प्रत्यक्ष दबाव की रणनीति का हिस्सा है, जिससे चरमपंथी संगठनों की गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

