द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी राज्यभर में ‘परिवर्तन यात्राएं’ निकालने जा रही है, जिसकी शुरुआत 1 मार्च से होगी। सूत्रों के मुताबिक, ये यात्राएं राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों से एक साथ शुरू होंगी और कई जिलों व विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगी।
बीजेपी का उद्देश्य इन यात्राओं के जरिए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और सीधे मतदाताओं से संवाद स्थापित करना है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसंपर्क का व्यापक अभियान होगा, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं को समझकर वैकल्पिक शासन का विजन प्रस्तुत किया जाएगा। यात्राओं के समापन पर एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। पार्टी का मानना है कि यह रैली चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच साबित होगी और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगी।
अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज होंगे शामिल, बूथ स्तर पर फोकस
परिवर्तन यात्राओं के विभिन्न चरणों में कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हो सकते हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटें जीती थीं।
इस बार पार्टी अधिक संगठित और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। बूथ स्तर पर माइक्रो-मैनेजमेंट, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और ‘प्रवासी कार्यकर्ता’ मॉडल को लागू करना रणनीति का अहम हिस्सा है, ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में संगठन की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।
बीजेपी कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, रोजगार और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना बना रही है। पार्टी का लक्ष्य राजनीतिक नैरेटिव को बदलते हुए राज्य में सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिवर्तन यात्राएं चुनावी माहौल को और गर्म करेंगी और राज्य में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को तीखा बनाएंगी। फिलहाल राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अभियान की तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसे विधानसभा चुनाव से पहले गति पकड़ने का अहम चरण माना जा रहा है।

