द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में बाढ़ राहत मुआवज़े के वितरण को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी का दावा है कि मालदा ज़िले में बाढ़ पीड़ितों के लिए जारी की गई सहायता राशि में करीब ₹100 करोड़ का घोटाला हुआ है। इस मामले को लेकर शनिवार को नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जहां पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
CAG रिपोर्ट से उजागर हुई कथित अनियमितताएं
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के.के. शर्मा ने कहा कि इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब कई याचिकाएं कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की गईं। इसके बाद अदालत के निर्देश पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपी। शर्मा के मुताबिक, CAG रिपोर्ट के जो अंश मीडिया में सामने आए हैं, वे सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी हुई है।
मालदा ज़िले में मुआवज़ा वितरण पर सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ से तबाह लोगों के लिए जारी मुआवज़ा “लूट और अमानवीय दोहन” में बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मालदा ज़िले के हरिश्चंद्रपुर-II क्षेत्र में एक ही मकान और एक ही बैंक खाते में मुआवज़ा दो से लेकर 42 बार तक भेजा गया। शर्मा ने दावा किया कि एक व्यक्ति को कथित तौर पर एक ही घर के लिए 42 बार भुगतान किया गया, जो गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।
पक्के मकानों के नुकसान पर फर्जी भुगतान का आरोप
दूसरी श्रेणी की अनियमितता का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि करीब ₹7.5 करोड़ की राशि 1,609 पक्के मकानों के नुकसान के नाम पर वितरित की गई, जबकि ज़िला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया था कि बाढ़ में कोई भी पक्का मकान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। इसके बावजूद भुगतान होना, बीजेपी के अनुसार, बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है।
गरीबों की जगह नेताओं और कर्मचारियों को मुआवज़ा
तीसरी श्रेणी में शर्मा ने आरोप लगाया कि करीब 108 ऐसे लोगों को बाढ़ राहत दी गई, जो गरीबी रेखा से नीचे नहीं आते थे। इनमें जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी और स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता शामिल बताए गए। चौथी श्रेणी में उन्होंने कहा कि लगभग ₹7 करोड़ उन लोगों को दे दिए गए, जिन्होंने मुआवज़े के लिए आवेदन तक नहीं किया था।
चुनाव से पहले BJP का बड़ा राजनीतिक हमला
बीजेपी ने इस कथित घोटाले को शर्मनाक और पीड़ादायक बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने बाढ़ में अपने घर, सामान और रोज़गार खोए, उन्हीं के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया। शर्मा ने कहा कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन असली फैसला जनता देगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की जनता वोट के जरिए इस “लूट और भ्रष्टाचार” का जवाब देगी और ममता सरकार को सत्ता से बाहर करेगी।

