द लोकतंत्र : दुबई एयर शो में शुक्रवार (21 नवंबर) को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना में अपनी जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल को रविवार (23 नवंबर) को उनके पैतृक गांव पटियालकर में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना, प्रशासनिक अधिकारी, नेता और स्थानीय निवासियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसने देश के एक बहादुर एरोबैटिक पायलट को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर तमिलनाडु के सुलुर एयर फोर्स बेस से गग्गल हवाई अड्डे पर लाया गया, जिसके बाद सेना के फूलों से सजे ट्रक में उसे पैतृक गांव पटियालकर ले जाया गया। इस पूरे मार्ग पर, सैकड़ों लोग ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, नम्मू (नमांश) तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारे लगाते हुए कतार में खड़े रहे।
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे अधिक भावुक क्षण तब था, जब वर्दी पहने उनकी पत्नी विंग कमांडर अफशां स्याल और उनकी छह-वर्षीय बेटी शोक में डूबी हुई दिखीं। माँ-बेटी का यह मार्मिक दृश्य देखकर हर किसी की आँखें नम हो गईं, जो एक सैन्य परिवार के अटूट बलिदान को दर्शाता है। नमांश और अफशां की शादी 2014 में पठानकोट में उनकी पहली पोस्टिंग के दौरान हुई थी।
नमांश स्याल के चचेरे भाई ने श्मशान घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके पिता जगन्नाथ स्याल ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि, “नमांश की मृत्यु देश और मेरे लिए एक बड़ा नुकसान है।” उन्होंने गर्व के साथ बताया कि नमांश देश में मौजूद केवल चार एरोबैटिक पायलटों में से एक थे।
स्थानीय निवासियों के लिए, नमांश केवल एक सैनिक नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और सच्चे देशभक्त थे, जिनका अचानक जाना पूरे समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
तेजस विमान का यह हादसा दुबई एयर शो के दौरान हुआ, जब तकनीकी खराबी आने की वजह से विमान उड़ान भरने के बाद क्रैश हो गया। विंग कमांडर स्याल, जो लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस उड़ा रहे थे, की शहादत ने देश को एक अत्यंत कुशल और अनुभवी पायलट से वंचित कर दिया है। एरोबैटिक पायलट होने के नाते, स्याल सैन्य विमानों को उच्च गति और जटिल कलाबाजियों के साथ नियंत्रित करने में अद्वितीय विशेषज्ञता रखते थे। उनकी यह विशेषज्ञता भारतीय वायुसेना के लिए एक अमूल्य संपत्ति थी।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री अनिल गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आर.एस. बाली और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार सहित वायुसेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतिम संस्कार में उपस्थित होकर वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम सलाम: तेजस क्रैश में शहीद विंग कमांडर नमांश स्याल को नम आंखों से विदाई, देश ने खोया जांबाज एरोबैटिक पायलट

