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दिग्गज अभिनेता ओम पुरी को अभिषेक बनर्जी का खास ट्रिब्यूट: छोटा रोल नहीं, किरदार की गहराई में दिखी महान कलाकार की झलक

The loktnatra

द लोकतंत्र : बॉलीवुड के टैलेंटेड अभिनेता अभिषेक बनर्जी इन दिनों अपनी एक्टिंग के लिए खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में रिलीज हुई सीरीज ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में उनके एक छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली किरदार की हर तरफ चर्चा हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि अभिषेक ने अपने इस रोल को सिनेमा के दिग्गज कलाकार स्वर्गीय ओम पुरी को समर्पित किया है। अभिषेक का मानना है कि ओम पुरी की सादगी और एक्टिंग की समझ ने ही उन्हें इस किरदार को निभाने की प्रेरणा दी।

ओम पुरी की सोच: रोल नहीं, काम बड़ा होना चाहिए

अभिषेक बनर्जी ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह बचपन से ही ओम पुरी के बहुत बड़े फैन रहे हैं। उन्होंने कहा, “ओम पुरी जी ने कभी इस बात की चिंता नहीं की कि उनका रोल कितना लंबा है। उन्होंने हमेशा इस बात पर ध्यान दिया कि वह अपने किरदार के जरिए दर्शकों के दिल पर क्या छाप छोड़ रहे हैं।” अभिषेक ने इसी सोच को अपनाते हुए सीरीज में अपना कैमियो रोल किया। उनके अनुसार, इंडस्ट्री का असली हीरो वही है जो किसी भी किरदार में जान डाल दे।

दर्द और पछतावे की एक इमोशनल कहानी

सीरीज ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ में अभिषेक का किरदार काफी भावुक कर देने वाला है। वह एक ऐसे शख्स की भूमिका में हैं, जो देश के बंटवारे के समय सांप्रदायिक हिंसा में अपनी गर्भवती पत्नी को खो देता है। पत्नी की मौत के बाद उसका दिल नफरत और बदले की आग में जलने लगता है। लेकिन कहानी का मोड़ तब आता है जब वह महात्मा गांधी के संपर्क में आता है और नफरत छोड़कर उनके सामने आत्मसमर्पण कर देता है। यह किरदार बंटवारे के उस काले दौर के दर्द और इंसानियत की जटिलताओं को बखूबी दिखाता है।

1982 की फिल्म ‘गांधी’ से है गहरा नाता

अभिषेक बनर्जी के इस रोल का सीधा जुड़ाव 1982 में आई मशहूर फिल्म ‘गांधी’ से है। उस फिल्म में ओम पुरी ने भी एक ऐसा ही छोटा लेकिन यादगार रोल निभाया था, जो नफरत के बाद गांधी जी के चरणों में शांति खोजता है। अभिषेक कहते हैं, “जब निर्देशक निखिल आडवाणी ने मुझे यह रोल ऑफर किया, तो मैंने पल भर की भी देरी नहीं की। मुझे लगा जैसे मुझे अपने आदर्श ओम पुरी जी के नक्शेकदम पर चलने का मौका मिल रहा है।”

दर्शकों ने छोटे रोल को दिया बड़ा प्यार

अभिषेक ने बड़ी विनम्रता के साथ कहा कि उनकी तुलना ओम पुरी जैसे महान कलाकार से करना ठीक नहीं है, लेकिन उनके रास्ते पर चलना ही उनके लिए सम्मान की बात है। ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अभिषेक की काफी तारीफ कर रहे हैं। यह सीरीज फिलहाल सोनी लिव (SonyLIV) पर स्ट्रीम हो रही है, जिसमें बंटवारे के बाद की हिंसा, शरणार्थियों का दर्द और रियासतों के विलय जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को बहुत बारीकी से दिखाया गया है।

अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर कलाकार में दम हो, तो चंद मिनटों का सीन भी पूरी कहानी पर भारी पड़ सकता है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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