द लोकतंत्र : वर्ष 2025 भारतीय ओटीटी (Over-the-top) उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ है। इस वर्ष डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने न केवल दर्शकों की संख्या में वृद्धि की, बल्कि कथा-साहित्य (Storytelling) के स्तर को भी वैश्विक मानकों तक पहुंचाया। जहाँ एक ओर ‘द फैमिली मैन’ और ‘पंचायत’ जैसे स्थापित ब्रांड्स ने अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी, वहीं ‘डब्बा कार्टेल’ और ‘द रॉयल्स’ जैसे नए प्रयोगों ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय दर्शक अब जटिल और प्रयोगधर्मी कंटेंट के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
स्थापित फ्रेंचाइजी का वर्चस्व: श्रीकांत तिवारी से सचिव जी तक
पुराने हिट शोज ने अपने नए सीजनों के साथ व्यूअरशिप के नए आयाम स्थापित किए।
- द फैमिली मैन 3: मनोज बाजपेयी ने एक बार फिर श्रीकांत तिवारी के रूप में तनाव और हास्य का अद्भुत संतुलन पेश किया। इस सीजन की राइटिंग को समीक्षकों ने पहले के मुकाबले अधिक गहन और भावनात्मक बताया।
- पंचायत 4: जितेन्द्र कुमार अभिनीत फुलेरा गांव की कहानी ने अपनी सादगी से पुनः हृदय जीत लिया। सरल परिवेश में गहरी सामाजिक टिप्पणी करना इस शो की यूएसपी रही।
- दिल्ली क्राइम 3 और महारानी 4: शेफाली शाह और हुमा कुरैशी ने महिला नेतृत्व वाली कहानियों को नई ऊंचाई दी। जहाँ दिल्ली क्राइम ने पुलिस जांच की बारीकियों को दिखाया, वहीं महारानी ने राजनीतिक शतरंज के दांव-पेंचों को मजबूती से पेश किया।
नई लहर: एक्सपेरिमेंटल और बोल्ड कहानियां
2025 ने हमें कुछ ऐसे विषय दिए जो मुख्यधारा के सिनेमा में कम ही देखे जाते हैं।
- द बैड्स ऑफ बॉलीवुड: ग्लैमर के अंधेरे पक्ष को उजागर करती इस सीरीज में बॉबी देओल और मोना सिंह ने दमदार अभिनय किया। शाहरुख खान के कैमियो ने इसे वर्ष की सबसे बड़ी चर्चित सीरीज बना दिया।
- डब्बा कार्टेल: शबना आजमी और ज्योतिका जैसे दिग्गजों के साथ यह गृहिणियों के एक गुप्त क्राइम नेटवर्क की अनोखी दास्तान थी, जिसे अपनी ओरिजिनैलिटी के लिए सराहना मिली।
- द रॉयल्स: ईशान खट्टर और भूमि पेडनेकर की ताजा जोड़ी ने राजनीतिक स्कैंडल्स और भ्रष्टाचार की कथा को बेहद प्रभावी ढंग से परदे पर उतारा।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रोडक्शन वैल्यू में 30% का उछाल आया है। ‘राणा नायडू 2’ और ‘ब्लैक वारंट’ जैसी सीरीज में इस्तेमाल किए गए सिनेमैटिक शॉट्स और एक्शन को देखकर यह स्पष्ट है कि बजट अब बाधा नहीं रहा। ओटीटी अब बड़े फिल्मी सितारों के लिए भी प्रथम प्राथमिकता बनता जा रहा है
निष्कर्षतः, वर्ष 2025 भारतीय ओटीटी के लिए क्रांतिकारी परिवर्तनों का साल रहा। कंटेंट की विविधता ने यह सुनिश्चित किया कि हर आयु वर्ग के लिए कुछ न कुछ विशेष उपलब्ध हो। आगामी वर्ष 2026 में एआई (AI) के एकीकरण और अधिक क्षेत्रीय कहानियों के राष्ट्रीय स्तर पर उभरने की प्रबल संभावना है।

