द लोकतंत्र : टीवी के सबसे लोकप्रिय शो ‘अनुपमा’ में अनुज कपाड़िया के रोल से घर-घर अपनी पहचान बनाने वाले गौरव खन्ना ने पिछले साल दिसंबर में ‘बिग बॉस 19’ की ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा था। लेकिन जीत के तीन महीने बाद भी गौरव को लेकर एक ऐसी खबर आई है जिसने उनके फैंस को हैरान कर दिया है।
हाल ही में एक यूट्यूब व्लॉग (Vlog) के दौरान गौरव ने खुलासा किया कि उन्हें शो में वादा की गई 50 लाख रुपये की राशि और लग्जरी कार अभी तक नहीं मिली है। आइए जानते हैं कि आखिर करोड़ों दर्शकों के सामने मिलने वाला वह चेक विजेताओं के पास तुरंत क्यों नहीं पहुँचता।
“अभी तक नहीं मिले हैं पैसे”: गौरव खन्ना
जब एक फैन ने उनसे उनकी जीत की रकम और नई कार के बारे में पूछा, तो गौरव ने बड़ी सादगी से जवाब दिया, “सच बोलूं तो अभी तक नहीं मिले हैं।” गौरव ने बताया कि टीवी इंडस्ट्री में पेमेंट की देरी होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने फैंस को दिलासा देते हुए कहा कि पैसा कहीं नहीं जाएगा, बस कंपनी के अपने प्रोसेस और इंटरनल ऑडिट की वजह से इसमें थोड़ा वक्त लगता है।
दिलचस्प बात यह है कि गौरव से पहले सीजन 18 के विनर करणवीर मेहरा ने भी एक पॉडकास्ट में बताया था कि उन्हें भी अपनी जीत की रकम मिलने में काफी इंतजार करना पड़ा था।
पेमेंट में देरी के 3 बड़े तकनीकी कारण
सूत्रों और इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो गौरव खन्ना या किसी भी रियलिटी शो विनर का पैसा इन 3 वजहों से रुकता है:
1. 90 से 120 दिनों का नियम: ज्यादातर बड़े चैनल और प्रोडक्शन हाउस का यह नियम होता है कि शो खत्म होने के कम से कम 3 से 4 महीने बाद ही फंड रिलीज किया जाता है। कंपनी पहले अपने खातों की जांच-पड़ताल (Internal Audit) करती है, जिसके बाद ही पेमेंट की फाइल आगे बढ़ती है।
2. टीडीएस (TDS) का भारी-भरकम कट: अगर गौरव ने 50 लाख रुपये जीते हैं, तो उन्हें पूरे पैसे नहीं मिलेंगे। इनकम टैक्स की धारा 194B के अनुसार, गेम शो की जीत पर सीधा 30% टैक्स कटता है। यानी 50 लाख में से करीब 15.60 लाख रुपये सीधे सरकार के पास जाएंगे और गौरव के हाथ में लगभग 34.40 लाख रुपये ही आएंगे। इस टैक्स पेपरवर्क में भी समय लगता है।
3. स्पॉन्सरशिप का पेच: शो में मिलने वाली कार अक्सर चैनल नहीं बल्कि ‘स्पॉन्सर’ कंपनी देती है। कार की डिलीवरी के लिए विनर को स्पॉन्सर कंपनी के साथ अलग से कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है। इसमें रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और रोड टैक्स की प्रक्रिया के कारण 3 से 6 महीने लग जाते हैं।
पैसों से बड़ी है लोगों की दुआएं
भले ही प्राइज मनी आने में देरी हो रही हो, लेकिन गौरव अपनी इस जीत से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि ‘बिग बॉस 19’ ने उन्हें जो पहचान दी है, वह उनके पिछले 20 साल के करियर में सबसे बड़ी है। बिना किसी फालतू लड़ाई या बदतमीजी के शो जीतने वाले गौरव आज भी लोगों के पसंदीदा बने हुए हैं। उनके कानपुर वाले घर पर आज भी उनसे मिलने के लिए फैंस की भीड़ उमड़ती है।
रियलिटी शो की चमक-धमक के पीछे कागजी कार्यवाही का एक लंबा सफर होता है। गौरव खन्ना की बातों से साफ है कि जीत की ट्रॉफी भले ही तुरंत मिल जाए, लेकिन मेहनत की असली कमाई पहुँचने में थोड़ा धैर्य रखना पड़ता है।

