द लोकतंत्र : देश के सबसे चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ से मिड-वीक एविक्शन के माध्यम से बाहर हुए ग्रेटर नोएडा के मृदुल तिवारी ने शो की वोटिंग प्रक्रिया और मेकर्स की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अपने देसी अंदाज़ और सादगी के लिए जाने जाने वाले मृदुल का सिर्फ 4 वोटों के आधार पर शो से बाहर हो जाना, उनके और उनके समर्थकों के लिए अपाच्य बना हुआ है। शो से बेघर होने के बाद से ही यूट्यूबर मृदुल तिवारी लगातार मेकर्स पर तंज कस रहे हैं, जो रियलिटी शो की विश्वसनीयता पर एक बड़ी बहस छेड़ रहा है।
लाइव ऑडियंस वोटिंग और 4 वोटों का विवाद
मृदुल का एलिमिनेशन शो की सामान्य नॉमिनेशन प्रक्रिया से भिन्न था। यह लाइव ऑडियंस वोटिंग के जरिए हुआ था, जिसमें कैप्टेंसी के लिए आई आम जनता ने सीक्रेट बैलेट के माध्यम से वोट दिया था।
- मेकर्स पर तंज: बीते दिन इटावा में एक निजी इवेंट में पहुँचे मृदुल ने इंस्टाग्राम पर भारी जनसैलाब की तस्वीर साझा की, जो उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ा था। इस फोटो को शेयर करते हुए उन्होंने बिग बॉस पर सीधा तंज कसा।
- मृदुल का बयान: उन्होंने लिखा, “4 वोट मिले थे मुझे… ये मेरा परिवार है और मैं इनके घर का लड़का।” यूजर्स और विश्लेषकों का मानना है कि इस पोस्ट के माध्यम से मृदुल शो के मेकर्स को आईना दिखा रहे हैं कि वास्तविक दुनिया में उनका जनसमर्थन कितना विशाल है, जो 4 वोटों के आंकड़े से मेल नहीं खाता।
एविक्शन को बताया ‘प्लान्ड’
सिर्फ 4 वोट हासिल कर बिग बॉस से बाहर होने वाले मृदुल तिवारी ने एक इंटरव्यू में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए एविक्शन को प्लान्ड बताया था।
- गहरा असंतोष: मृदुल ने कहा था, “मुझे बहुत ज्यादा बुरा लगा। मुझे फैंस, दोस्त, भाइयों के लिए भी बहुत बुरा लगा, क्योंकि वो मुझे बाहर से सपोर्ट कर रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि “अगर मुझे भी बाकी सबकी तरह बेदखल किया जाता, तो शायद यह कोई बड़ी बात नहीं होती। लेकिन जिस तरह से चीजें प्लान की गईं और उन्हें अंजाम दिया गया, वह ठीक नहीं लगा।”
मृदुल की इस प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि रियलिटी शो में अक्सर प्रक्रियाओं के नाम पर होने वाले फैसले कंटेस्टेंट्स और दर्शकों के मन में संशय पैदा करते हैं। 4 वोटों के आधार पर एक लोकप्रिय चेहरे का बाहर होना, शो के फॉर्मेट और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

