द लोकतंत्र : फिल्मों से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक में कई ऐसे सितारे रहे हैं, जिन्होंने धर्म की राह पर चलने के लिए अपना सफलता भरा करियर त्याग दिया। हाल ही में ज़ायरा वसीम, सना खान और अनघा भोसले जैसी एक्ट्रेस ने चकाचौंध भरी दुनिया को अलविदा कहकर धार्मिक जीवन अपनाया। इसी कड़ी में एक मशहूर टीवी एक्ट्रेस का नाम भी शामिल है, जिन्होंने 150 से ज्यादा शोज किए, घर-घर में खूब पहचान हासिल की, लेकिन धर्म के लिए अपना सब त्यागकर वह संन्यासी बन गईं।
हम बात कर रहे हैं टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस नुपुर अलंकार की। दर्शकों द्वारा उनके काम को काफी पसंद किया जाता था, लेकिन उन्होंने अचानक अपने 27 साल के एक्टिंग करियर को छोड़कर संन्यासी बनने का फैसला लिया।
नुपुर अलंकार का सफल एक्टिंग करियर
नुपुर अलंकार टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा थीं, जिन्होंने लगभग तीन दशकों तक एक्टिंग की दुनिया में काम किया।
लोकप्रिय शोज: उन्होंने ‘शक्तिमान’, ‘दीया और बाती हम’, ‘राजा जी’ और ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’ जैसे कई पॉपुलर शोज में काम किया था।
पहचान: इन शोज के जरिए उन्हें घर-घर में पहचाना जाने लगा था और उन्होंने अपने हर किरदार को बखूबी निभाया था।
करियर का त्याग: लेकिन एक दिन अचानक उन्होंने अपने 27 साल के सफल करियर को त्यागने का फैसला कर लिया और चकाचौंध की दुनिया को अलविदा कह दिया।
संन्यासी बनने के लिए छोड़ा परिवार और शादी
नुपुर अलंकार ने सिर्फ अपने करियर को ही नहीं, बल्कि अपने पारिवारिक जीवन को भी त्याग दिया।
शादी: उन्होंने साल 2002 में अलंकार श्रीवस्ताव से शादी की थी और उनका वैवाहिक जीवन अच्छा चल रहा था।
रिश्ता खत्म: लेकिन साध्वी बनने के लिए उन्होंने अपने इस रिश्ते को खत्म कर दिया और अपने पति से अलग होने का फैसला लिया।
पति का समर्थन: कहा जाता है कि जब नुपुर ने अपने पति को बताया कि वह संन्यास लेना चाहती हैं, तो उनके पति अलंकार श्रीवस्ताव ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। यहां तक कि उनके सास-ससुर ने भी उन्हें इस कदम को उठाने से नहीं रोका। नुपुर ने इस कठिन फैसले के लिए अपने परिवार के समर्थन की सराहना की थी।
क्यों लिया संन्यास का फैसला?
नुपुर अलंकार ने गुरु शंभू शरण झा के मार्गदर्शन में संन्यासी जीवन अपनाया।
इंटरव्यू का खुलासा: एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में बताया कि मां के निधन के बाद उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता था। मां के जाने के बाद उन्हें दुनिया बेमानी लगने लगी।
भगवान की शरण: इस वजह से उन्होंने सभी से इजाजत लेकर भगवान की शरण में जाने का फैसला किया। उनका मानना है कि संन्यास लेने के बाद उन्हें शांति और संतोष मिला है, जो उन्हें एक्टिंग की दुनिया में कभी नहीं मिल सकता था।
नुपुर अलंकार ग्लैमर की दुनिया से दूर, एक साध्वी के रूप में अपनी जिंदगी गुजार रही हैं और धर्म के मार्ग पर अग्रसर हैं।

