द लोकतंत्र : बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 13 दिन जेल की सलाखों के पीछे बिताने के बाद, राजपाल अब अपनी सफाई देने के लिए एक अनोखा रास्ता अपना रहे हैं। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को लेकर एक बड़ी घोषणा की है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।
राजपाल यादव ने तय किया है कि वे अपनी इस विवादित फिल्म की 2 मिनट की क्लिप सार्वजनिक करेंगे, ताकि दुनिया देख सके कि उन्होंने फिल्म के बजट का सही इस्तेमाल किया था या नहीं।
5 करोड़ का लोन और 9 करोड़ की कानूनी जंग
इस पूरे विवाद की जड़ साल 2010 में है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। समय के साथ ब्याज बढ़ता गया और यह रकम लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी कर्ज को न चुका पाने और चेक बाउंस होने के आरोपों के चलते राजपाल को हाल ही में जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होते हुए कहा कि वे अपना सारा कर्ज चुकाने की पूरी कोशिश करेंगे।
जनता की अदालत में फिल्म की क्लिप
राजपाल यादव का कहना है कि लोग उन पर फिल्म के पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं, इसलिए वे अब दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहते हैं। एक्टर ने बताया, “मैं फिल्म के उन हिस्सों की क्लिप कटवा रहा हूं जो पहले कभी किसी ने नहीं देखे। मैं चाहता हूं कि लोग खुद देखें कि फिल्म बनाने में कितनी मेहनत और पैसा लगा है।”
बिना CGI के 2500 कलाकारों के साथ शूटिंग
अपनी फिल्म के भव्य पैमाने के बारे में बताते हुए राजपाल ने खुलासा किया कि फिल्म की शूटिंग पूरे 76 दिनों तक चली थी। उन्होंने कहा, “हमने भीड़ दिखाने के लिए कंप्यूटर (CGI) का सहारा नहीं लिया। फिल्म सिटी में 2500 असली कलाकार मौजूद थे, जिन्हें पैसे दिए गए थे। फिल्म पर करीब 20-22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिसके लिए मैंने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी थी।”
रिलीज के 24 घंटे बाद ही क्यों हटी फिल्म?
राजपाल यादव ने बताया कि फिल्म के म्यूजिक लॉन्च के बाद से ही उनके निवेशक माधव गोपाल के साथ विवाद शुरू हो गया था। मामला कोर्ट तक पहुंचा और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की कोशिश की गई। हालांकि, कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद फिल्म रिलीज तो हुई, लेकिन कानूनी अड़चनों और विवादों के कारण उसे महज 24 घंटे के भीतर ही सिनेमाघरों से हटा लिया गया।
राजपाल यादव की यह कोशिश खुद को बेगुनाह साबित करने और अपनी ईमानदारी दिखाने की एक बड़ी पहल है। अब देखना यह होगा कि फिल्म की ये क्लिप्स आने के बाद जनता और उनके निवेशकों का क्या रुख रहता है।

