द लोकतंत्र : भारतीय सिनेमा में अक्सर कहा जाता है कि अगर कहानी में दम हो और जड़ें ज़मीन से जुड़ी हों, तो वह दुनिया के किसी भी कोने में पसंद की जाएगी। इस बात को सच कर दिखाया है ऋषभ शेट्टी ने। तटीय कर्नाटक के एक छोटे से गाँव से निकलकर नेशनल अवॉर्ड जीतने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। आज वे एक ऐसे सुपरस्टार हैं, जिन्हें लोग न केवल उनकी एक्टिंग बल्कि उनके विजन के लिए भी पूजते हैं।
केराडी से बेंगलुरु: सपनों की उड़ान
कुंडापुरा के केराडी गाँव में प्रशांत शेट्टी के रूप में जन्मे ऋषभ का बचपन साधारण था। सिनेमा का सपना आँखों में लिए वे बेंगलुरु चले आए। शुरुआती दिनों में गुज़ारा करने के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए, लेकिन उनका असली मन थिएटर और पारंपरिक ‘यक्षगान’ में बसता था। इन अनुभवों ने उन्हें ज़मीन से जुड़ी कहानियों को समझने की ताकत दी।
पर्दे के पीछे से पहचान तक
ऋषभ ने सीधे स्टारडम का स्वाद नहीं चखा। उन्होंने सालों तक पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत की। ‘तुगलक’ और ‘लूसिया’ जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए ताकि वे फिल्म मेकिंग की बारीकियों को सीख सकें। साल 2016 में उन्होंने ‘रिकी’ से डायरेक्शन की शुरुआत की, लेकिन उन्हें असली पहचान मिली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से। इस फिल्म ने उन्हें एक टैलेंटेड कहानीकार के रूप में स्थापित कर दिया।
‘कांतारा’ और नेशनल अवॉर्ड का गौरव
ऋषभ शेट्टी की क्रिएटिविटी को पूरी दुनिया ने तब पहचाना जब साल 2022 में ‘कांतारा’ रिलीज हुई। इस फिल्म को उन्होंने खुद लिखा, डायरेक्ट किया और इसमें लीड रोल भी निभाया। क्षेत्रीय संस्कृति और लोक कथाओं पर आधारित यह फिल्म एक ग्लोबल हिट बन गई। इस फिल्म के लिए उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इससे पहले उनकी फिल्म ‘सरकारी हि. प्रा. शाले’ को भी बेस्ट चिल्ड्रन्स फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका था।
सिनेमा की ‘वन मैन आर्मी’
आज ऋषभ शेट्टी की तुलना गुरु दत्त और राज कपूर जैसे दिग्गजों से की जाती है। वे एक सच्चे ‘वन मैन आर्मी’ हैं जो एक्टिंग, राइटिंग और डायरेक्शन—तीनों ही मोर्चों पर खुद को साबित करते हैं। हाल ही में आई ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल एक फिल्म के वंडर नहीं हैं, बल्कि बॉक्स ऑफिस के असली सुल्तान हैं।
ऋषभ शेट्टी का सफर हमें सिखाता है कि अगर आप अपनी मिट्टी और अपनी ईमानदारी से जुड़े हुए हैं, तो सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी। एक छोटे से गाँव का लड़का आज पूरे भारत का सुपरस्टार है, और यह केवल उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है।

