द लोकतंत्र : भारतीय डिजिटल मनोरंजन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। ऑरमैक्स मीडिया द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में हिंदी सिनेमा ने ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर अपना वर्चस्व पुनः स्थापित कर लिया है। जहाँ पिछले कुछ महीनों से दक्षिण भारतीय फिल्में दबदबा बनाए हुए थीं, वहीं इस हफ्ते की टॉप 5 सूची से उनका पूरी तरह बाहर होना एक बड़े सिनेमाई बदलाव की ओर इशारा करता है। अमेजन प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स और जी5 जैसे दिग्गज प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई विविध शैलियों की फिल्में दर्शकों की प्राथमिकता बन गई हैं।
चार्ट टॉपर्स: व्यूअरशिप के आंकड़े और रुझान
इस सप्ताह की सूची में रोमांटिक-हॉरर-कॉमेडी से लेकर मर्डर मिस्ट्री तक का बोलबाला रहा।
- थामा (Thama): आयुष्मान खराना और रश्मिका मंदाना की यह फिल्म 2.3 मिलियन व्यूज के साथ प्रथम स्थान पर विराजमान है। अमेजन प्राइम पर इसकी सफलता यह सिद्ध करती है कि दर्शक अब हॉरर और कॉमेडी के अनोखे मिश्रण को पसंद कर रहे हैं।
- एक दीवाने की दीवानीयत: जी5 पर 2.2 मिलियन व्यूज के साथ यह फिल्म दूसरे नंबर पर है, जो रोमांटिक ड्रामा के प्रति स्थिर रुचि को दर्शाती है।
- हक (Haq): यामी गौतम और इमरान हाशमी की सस्पेंस थ्रिलर को नेटफ्लिक्स पर 2.0 मिलियन दर्शकों ने सराहा, जिससे यह सिद्ध होता है कि थ्रिलर शैली का क्रेज कम नहीं हुआ है।
दक्षिण भारतीय सिनेमा
विशेषज्ञों के लिए सबसे चौंकाने वाला तथ्य दक्षिण भारतीय फिल्मों का सूची से गायब होना है। ‘द गर्लफ्रेंड’, ‘कांथा’ और ‘आंध्रा किंग तलुका’ जैसी प्रतीक्षित फिल्में अपनी पकड़ बनाए रखने में विफल रहीं।
- कंटेंट सैचुरेशन: विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण भारतीय कंटेंट की अति के कारण दर्शक अब पुनः मजबूत पटकथा वाली हिंदी फिल्मों की ओर मुड़ रहे हैं।
सस्पेंस का जादू: ‘रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स’ (1.6 मिलियन) और ‘मास जातारा’ (1.3 मिलियन) की सफलता दर्शाती है कि मर्डर मिस्ट्री और मसाला एक्शन की मांग बरकरार है।
भविष्य का आउटलुक: 2026 की डिजिटल दिशा
- सिनेमा विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ‘हाइब्रिड जेनर’ (दो शैलियों का मेल) वाली फिल्मों का निवेश बढ़ेगा। ऑरमैक्स मीडिया की यह रिपोर्ट निर्माताओं के लिए एक संकेत है कि स्टार पावर के साथ-साथ डिजिटल प्रीमियर की रणनीति भी व्यूअरशिप तय करने में निर्णायक होगी।
निष्कर्षतः, डिजिटल पर्दे पर व्यूअरशिप की जंग अब केवल भाषा तक सीमित नहीं, बल्कि इंगेजमेंट पर आधारित है। ‘थामा’ की लगातार बढ़त और हिंदी थ्रिलर्स की वापसी 2026 के डिजिटल बाजार के लिए एक सार्थक संकेत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी हफ्तों में दक्षिण भारतीय फिल्में क्या वापसी कर पाएंगी।

