Advertisement Carousel
Page 3

Zeenat Aman: दिखावे की दुनिया और असल जिंदगी की उलझन; जीनत अमान ने बताया क्यों हमें पसंद है गॉसिप?

The loktnatra

द लोकतंत्र : अपने जमाने की सबसे बिंदास और मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी बातों से तहलका मचा रही हैं। 70 और 80 के दशक में अपनी मॉडर्न इमेज से बॉलीवुड में नई क्रांति लाने वाली जीनत आज भी उतनी ही बेबाक हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जिंदगी की उन सच्चाइयों से पर्दा उठाया है, जिन्हें अक्सर हम सब नजरअंदाज कर देते हैं।

जीनत अमान ने जीवन की सच्चाई और दिखावे के बीच के उस बारीक फर्क को समझाया है, जिसमें आजकल की पूरी दुनिया उलझकर रह गई है।

हम एक सजे-धजे ‘धोखे’ में जी रहे हैं

जीनत अमान का कहना है कि हम एक ऐसी दुनिया का हिस्सा बन चुके हैं जहाँ सब कुछ बहुत साफ-सुथरा और अच्छा दिखता है, पर असल में यह सिर्फ एक भ्रम है। उन्होंने लिखा, “हमें लगता है कि सब कुछ बहुत परफेक्ट है, लेकिन सच्चाई बिल्कुल इसके उलट है। हमारी असल जिंदगी अक्सर अस्त-व्यस्त और उलझी हुई होती है। हम अपनी ही जिंदगी को लेकर खुद को धोखे में रख रहे हैं।”

उन्होंने आगे बहुत गहराई से समझाया कि किसी के चेहरे की मुस्कुराहट के पीछे छिपी हुई दुनिया बहुत बड़ी और पेचीदा होती है। हमारी जिंदगी उस हिस्से से घिरी है जहाँ लालच, जलन, वासना और धोखा भी शामिल है, लेकिन हम उसे दुनिया के सामने नहीं आने देते।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बेबाकी

जीनत अमान ने हाल ही में ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ (JLF 2026) में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने किताबों और जिंदगी की उलझनों पर बात की। उन्होंने एक बहुत पते की बात कही कि लोग ‘गॉसिप’ (चर्चा) की तरफ इसलिए खिंचे चले जाते हैं क्योंकि वह दूसरों के दिखावे के पीछे की कमियों को बाहर लाती है।

जीनत ने लिखा, “हम बाहरी दुनिया के सामने खुद को कितनी सावधानी से पैक करके (सजाकर) पेश करते हैं, पर अंदर की हकीकत कुछ और ही होती है। साहित्य हमें दूसरों की जिंदगी को हमदर्दी और गहराई से समझने का मौका देता है।”

बॉलीवुड की ‘क्रांतिकारी’ अभिनेत्री

जीनत अमान सिर्फ अपनी बातों के लिए नहीं, बल्कि अपने काम के लिए भी जानी जाती हैं। मिस एशिया पैसिफिक का खिताब जीतने वाली जीनत ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘डॉन’ और ‘कुर्बानी’ जैसी कालजयी फिल्मों में काम किया है। आज 70 की उम्र पार करने के बाद भी वे अपने विचारों से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं।

जीनत अमान की ये बातें हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हम वाकई अपनी मर्जी से जी रहे हैं, या सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए खुद पर एक ‘परफेक्ट’ होने का मुखौटा चढ़ाए हुए हैं?

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Bollywood blockbusters
Page 3

बॉलीवुड की वो 10 फ़िल्में जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए

द लोकतंत्र : बॉलीवुड में हर साल ढेर साड़ी फ़िल्में बनती हैं। उनमें कुछ फ़िल्में आती हैं और जाने कब
arshi-khan
Page 3

देवरिया जाएंगे और आग लगाएं सामान रेडी करो, मॉडल अर्शी खान के वीडियोज वायरल

द लोकतंत्र : बीते बुधवार को मॉडल अर्शी खान की मैनेजर की तहरीर पर देवरिया पुलिस ने जनपद के एक