द लोकतंत्र/ पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी के दिग्गज नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। पदभार ग्रहण करते ही तेजस्वी यादव भावुक नजर आए और उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपने राजनीतिक जीवन की ‘अग्निपरीक्षा’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोग होंगे और उनका लक्ष्य बिहार को न्याय, समानता और विकास के रास्ते पर आगे ले जाना है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि संघर्ष और जवाबदेही की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का आभार जताते हुए कहा कि लालू जी के विचार, संघर्ष और सामाजिक न्याय की विरासत ही उनकी राजनीति की असली ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद की स्थापना जिन गरीब, दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों को बराबरी और सम्मान दिलाने के लिए हुई थी, उन्हीं के अधिकारों की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं – तेजस्वी यादव
कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया में तानाशाही, हिंसा और अवसरवाद चरम पर है। ऐसे समय में सत्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने दो टूक कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। अब वह समय आ रहा है जब झूठ, छल और भेदभाव के खिलाफ जनता की एकजुट ताकत निर्णायक भूमिका निभाएगी।
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया संदेश में भी भावनात्मक शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि वह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और ‘जनता मालिक’ के भरोसे के लिए आभारी हैं। उन्होंने लोहिया, कर्पूरी ठाकुर, जयप्रकाश नारायण, डॉ. भीमराव आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह जैसे विचारकों और क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपनी राजनीति की दिशा बताया। उनका कहना था कि गैर-बराबरी, बेरोजगारी, अशिक्षा और गरीबी के खिलाफ उनकी लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद अपनी भूमिका को और मजबूत बनाएगा
आरजेडी के भीतर इस फैसले को भविष्य की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद न सिर्फ बिहार में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी भूमिका को और मजबूती से पेश करेगी। संगठन के युवा चेहरे के रूप में तेजस्वी यादव से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना आरजेडी के लिए सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, एकता और संघर्ष की राजनीति को नए सिरे से धार देने की कोशिश माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि वह इस ‘अग्निपरीक्षा’ में अपने वादों को जमीन पर कैसे उतारते हैं।

