द लोकतंत्र/ पटना : खगड़िया में छठ महापर्व के बीच आयोजित एनडीए की विशाल जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से विपक्ष पर तीखा वार करते हुए कहा कि बिहार अब कभी जंगलराज का शिकार नहीं होगा। उन्होंने जनता से वादा किया कि एनडीए की सरकार में बहू-बेटियां सुरक्षित रहेंगी और बिहार विकास की नई ऊँचाइयाँ छुएगा। छठ पर्व के मौके पर उमड़ी भारी भीड़ को देखकर शाह ने कहा, मुझे लगा था छठ के बीच कौन आएगा, लेकिन पूरा पंडाल भर गया यही बिहार की जागरूकता की पहचान है।
यह चुनाव विधायक या मुख्यमंत्री का नहीं, बिहार के भविष्य का है
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव सिर्फ़ किसी विधायक या मुख्यमंत्री को चुनने का नहीं है, बल्कि बिहार की विकास दिशा तय करने का निर्णायक अवसर है। उन्होंने जनता से सवाल किया, क्या आप फिर से लालू-राबड़ी के जंगलराज में जाना चाहते हैं या मोदी-नीतीश के विकसित बिहार में रहना चाहते हैं? शाह ने कहा कि अगर लालू यादव की पार्टी सत्ता में आई, तो बिहार फिर उसी अंधकार में डूब जाएगा जहाँ अपराध, लूट और अपहरण ही पहचान थे।
घोटालों के रिकॉर्ड वाले लोग बैठे हैं महागठबंधन में
गृह मंत्री ने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालू यादव पर ‘लैंड फॉर जॉब’ और ‘अलकतरा घोटाले’ जैसे मामलों का दाग है, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासन में देश घोटालों से डूब गया था। शाह ने तंज कसते हुए कहा, बिहार और केंद्र दोनों जगह वही लोग फिर से आना चाहते हैं, जिनका काम ही घोटाला है। ऐसे लोगों से विकास की उम्मीद रखना बिहार के साथ अन्याय होगा।
एनडीए ही है विकास और सुरक्षा की गारंटी
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार को स्थिरता, निवेश और रोजगार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने गांवों में सड़क, बिजली, शौचालय और डिजिटल कनेक्टिविटी का जो काम किया है, वही बिहार के असली विकास की पहचान है। शाह ने जनता से अपील की कि वे ‘विकसित बिहार’ के लिए एकजुट होकर एनडीए को दोबारा बहुमत दें।
अमित शाह के इस आक्रामक भाषण ने बिहार की सियासत में नई गर्मी ला दी है। उनकी तीखी बयानबाजी और आत्मविश्वास से भरे भाषण ने स्पष्ट कर दिया कि एनडीए ‘जंगलराज बनाम विकासराज’ के एजेंडे पर चुनाव लड़ने जा रहा है।

